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UPSC IAS Exam : हर साल लाखों अभ्यर्थी UPSC (संघ लोक सेवा आयोग) की सिविल सेवा परीक्षा (CSE) की तैयारी करते हैं, और उनमें से एक बड़ी चिंता यह होती है कि क्या भविष्य में अर्हता नियम बदलेंगे खासकर उच्चतम आयु और परीक्षा देने की अधिकतम कोशिशों (attempts) की सीमा को लेकर। इस सवाल का उत्तर हाल ही में UPSC के वर्तमान अध्यक्ष डॉ. अजय कुमार ने एक लाइव सत्र के दौरान दिया है.
विवाद की पृष्ठभूमि
कई विशेषज्ञ, पूर्व अधिकारी और अभ्यर्थी यह प्रस्ताव रखते रहे हैं कि यदि आयु सीमा और एटेम्प्ट की सीमा कम कर दी जाए, तो नए व्यक्तियों को अवसर मिल सके और प्रतियोगिता और ज़्यादा स्वस्थ हो सके. उदाहरण के लिए, पूर्व आरबीआई गवर्नर डॉ. दुव्वुरी सुब्बाराव ने सुझाव दिया था कि वर्तमान छह प्रयासों और 32 वर्ष की अधिकतम आयु को तीन प्रयास और 27 वर्ष किया जाए. लेकिन केंद्र सरकार और UPSC ने इससे दूर रहने का रुख अपनाया है। 2023 में, राज्यमंत्री जितेन्द्र सिंह ने राजसभा में कहा था कि सुप्रीम कोर्ट के फैसलों, संसदीय समिति की राय और विभिन्न कारकों की समीक्षा करने के बाद, “मौजूदा प्रावधानों में बदलाव करना व्यावहार्य नहीं पाया गया है.
UPSC अध्यक्ष का स्पष्ट उत्तर
2025 में पहली बार आयोजित लाइव अभ्यर्थी संवाद (Q&A) के दौरान, अध्यक्ष डॉ. अजय कुमार ने इस विवादित विषय पर अपना रुख स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि “अब तक ऐसी कोई प्रस्तावना नहीं है” कि UPSC आयु सीमा या एटेम्प्ट की सीमा को घटाए. उन्होंने इसे इस तरह से समझाया कि आयोग ने 2014 में जो नई संरचना (eligibility / relaxation आदि) अपनायी थी, वह आज भी संतुलित है. साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि अगर कट‑ऑफ तारीख (1 अगस्त) को बदला जाए, तो बहुत से उम्मीदवारों को तैयारी और पात्रता में असमय गंवाना पड़ेगा. डॉ. कुमार ने इसके अलावा यह संकेत दिया कि UPSC अन्य क्षेत्रों में सुधार करना चाहता है. जैसे तकनीकी एकीकरण, document verification में डिजिटल माध्यम (DigiLocker), और शिकायत प्रणाली को और मजबूत करना.
अभी के समय में क्या कहा जाना चाहिए?
- वर्तमान में, आयोग की ओर से आयु या एटेम्प्ट सीमा कम करने का कोई प्रस्ताव स्वीकार नहीं किया गया है.
- उच्चपदाधिकारियों की प्रतिक्रिया यही संकेत देती है कि नियम फिलहाल जस के तस रहेंगे.
- यदि भविष्य में यह मसला उठे, तो उसमें न्यायिक समीक्षा, समिति सुझाव, हितधारकों की राय आदि महत्वपूर्ण भूमिका निभाएँगे.