Lifestyle Hack : सर्दियों का मौसम आते ही रजाई और कंबल हमारी रोज़मर्रा की ज़िंदगी का अहम हिस्सा बन जाते हैं. लेकिन जैसे ही मौसम बदलता है, इन्हें धोने का नाम सुनते ही अधिकतर घरों में माथा ठनक जाता है। भारी रजाई को लॉन्ड्री तक ले जाना, ज़्यादा पैसे खर्च करना या घर पर धोने में घंटों की मेहनत, ये सब किसी टेंशन से कम नहीं। खासकर छोटे शहरों और कस्बों में जहां बड़ी वॉशिंग मशीन नहीं होती, वहां यह समस्या और भी बढ़ जाती है। इसी आम घरेलू परेशानी का बेहद सरल, सस्ता और देसी समाधान बताया है गृहिणी संगीता त्यागी ने, जो न तो शरीर को थकाता है और न ही जेब पर भारी पड़ता है.
संगीता त्यागी का देसी सोच वाला आसान तरीका
संगीता त्यागी का मानना है कि हर घरेलू समस्या का हल हमारी रसोई और घर में ही छुपा होता है. उनके बताए इस तरीके में न किसी महंगे डिटर्जेंट की ज़रूरत है और न ही लॉन्ड्री की। सबसे पहले एक साफ़ प्लास्टिक की बड़ी शीट या मोटा तिरपाल लें और उसे छत, आंगन या बाथरूम की फर्श पर बिछा दें। अब रजाई या कंबल को उस पर फैलाकर रखें। एक बाल्टी गुनगुने पानी में थोड़ा सा हल्का डिटर्जेंट या रीठा पाउडर मिलाएं। इस पानी को मग की मदद से पूरे कंबल पर डालें, ताकि वह अच्छी तरह गीला हो जाए। यह तरीका पानी की बचत भी करता है और मेहनत भी कम लगती है.
बिना रगड़े गहराई से सफाई का देसी जुगाड़
इस तरीके की सबसे खास बात यह है कि इसमें रजाई को रगड़ने या उठाने की ज़रूरत नहीं पड़ती. जब कंबल अच्छी तरह भीग जाए, तो पैरों की मदद से हल्के-हल्के उसे दबाएं, ठीक वैसे ही जैसे पुराने ज़माने में कपड़े धोए जाते थे। इससे धूल, पसीने की गंध और जमा गंदगी बाहर निकल जाती है। अगर रजाई ज़्यादा गंदी हो, तो उसी पानी को 15–20 मिनट तक लगा रहने दें। चाहें तो इसमें नीम के पत्तों का उबला हुआ पानी या थोड़ा सा सफेद सिरका भी मिला सकते हैं, जिससे बैक्टीरिया और बदबू दूर होती है। यह पूरी प्रक्रिया बेहद आसान है और कम समय में असर दिखाती है.
सही तरीके से सुखाना, ताकि रजाई रहे फूली-फूली
धोने के बाद सबसे ज़रूरी चरण होता है सही ढंग से सुखाना. संगीता त्यागी सलाह देती हैं कि रजाई को निचोड़ने की कोशिश बिल्कुल न करें, क्योंकि इससे उसकी भरावन खराब हो सकती है. बस साफ़ पानी से 2–3 बार उसी तरह पैर से दबाकर साबुन निकाल दें. फिर तिरपाल के एक सिरे को थोड़ा ऊंचा कर दें, ताकि अतिरिक्त पानी अपने आप बह जाए. इसके बाद रजाई को धूप वाली जगह में रस्सी या स्टैंड पर इस तरह फैलाएं कि हवा दोनों तरफ से लग सके। बीच-बीच में हल्के हाथ से थपथपा देने से रजाई फिर से फूली और मुलायम हो जाती है.
क्यों है यह तरीका सबसे बेहतर और भरोसेमंद
संगीता त्यागी का यह देसी तरीका न सिर्फ़ समय और पैसे की बचत करता है, बल्कि शरीर पर भी ज़ोर नहीं डालता. इसमें न भारी रजाई उठाने की मजबूरी है और न ही बिजली या बड़ी मशीनों पर निर्भरता. यह तरीका खासकर बुज़ुर्गों, गृहिणियों और उन लोगों के लिए बेहद फायदेमंद है, जो अकेले रहते हैं. सबसे अच्छी बात यह है कि यह पूरी तरह सुरक्षित, प्राकृतिक और आज़माया हुआ घरेलू उपाय है. अगर आप भी हर साल रजाई-कंबल धोने के नाम से परेशान हो जाते हैं, तो इस बार लॉन्ड्री भूल जाइए और अपनाइए संगीता त्यागी का यह आसान देसी नुस्खा ना थकान, ना टेंशन, बस साफ़-सुथरी और खुशबूदार रजाई.