ईरानी सेना ने अमेरिका और इजरायल को चेतावनी दी है कि आप युद्ध जितना लंबा खींचेंगे हमारी ताकत उतनी मजबूत होगी। हमें कोई परास्त नहीं कर सकता। ईरान ने अब खुलकर दो देशों को ललकारा है।
मध्य पूर्व में तनाव चरम पर
युद्ध के 26वें दिन मिडिल ईस्ट की स्थिति और बिगड़ चुकी है। इजराइल ईरान के जंगी तेवरों से मध्य पूर्व में तनाव चरम पर है। इजराइल ने सुबह एक बार फिर से ईरान के बुशर की न्यूक्लियर फैसिलिटी पर हमला किया। इससे ईरान भड़क गया। अब ईरान के अंदर प्रतिशोध का लावा धधक रहा है। जिससे मध्य पूर्व में परमाणु युद्ध की आहट सुनाई देने लगी है। तो क्या अब जंग परमाणु खतरे की दहलीज पर पहुंच चुकी है? ईरान के बुशहर से जो तस्वीरें सामने आ रही हैं वो भयावह है। परमाणु प्लांट कैंपस के पास इजराइल हमले के बाद से यहां हड़कंप मचा हुआ है।
कैंपस में भीषण आग लग गई
आईडीएफ के हमले के बाद साइड पर जोरदार धमाका हुआ, जिसके बाद बारूद तिनके की तरफ घड़ता चला गया। कैंपस में भीषण आग लग गई है। लेकिन गनीमत यह रही कि रेडिएशन लीक नहीं हुआ और रिएक्टर को कोई नुकसान नहीं पहुंचा।
ईरान ने नतान न्यूक्लियर साइट पर हमले का लिया बदला
नतान न्यूक्लियर साइट पर हुए हमले का बदला ईरान ने इजराइल की न्यूक्लियर सिटी डिमोना पर अटैक करके लिया था। मगर मामला अभी खत्म नहीं हुआ है क्योंकि दोनों देशों के निशाने पर एक दूसरे के परमाणु ठिकाने हैं जो दुनिया के लिए बड़ी टेंशन है।
अमेरिका और इजराइल का आखिर असल मकसद क्या है?
जंग में न्यूक्लियर प्लांट पर हमले के बाद मिडिल लिस्ट में रेडिएशन का खतरा मंडरा रहा है। अगर एक बार रेडिएशन शुरू हो गया तो उसे कंट्रोल करना मुश्किल हो जाएगा और दुनिया सबसे खतरनाक मोड़ पर पहुंच जाएगी। अब सवाल उठता है कि जब न्यूक्लियर वॉर इतना खतरनाक है तो ईरान को लेकर अमेरिका और इजराइल का आखिर असल मकसद क्या है? क्या ईरान की एटॉमिक फैसिलिटी को पूरी तरह से बर्बाद करना, ईरान के पास मौजूद 60% संवर्धित यूरेनियम पर कब्जा करना है? अगर ईरान नहीं माना और मिडिल ईस्ट में परमाणु युद्ध छिड़ा तो इसका किन देशों पर सीधा असर होगा? सभी सवालों को लेकर पूरी दुनिया में एक डर का माहौल बना हुआ है।