
बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुख्यिा मोहम्मद यूनुस ने रोहिंग्या शरणार्थियों के लिए बड़ा बयान दिया है। उनका कहना है कि देश में रह रहे 13 लाख रोहिंग्या शरणार्थियों के लिए संसाधन नहीं है। इनका हमारे देश में रहना मुश्किल है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की इनकी मदद की जाए। उन्होंने रोहिंग्याओं को राहत पहुंचाने के लिए लिए कोई स्थायी समाधान निकालने की आवश्यकता है। कॉक्स बाजार में आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में मोहम्मद ने कहा कि इस आयोजन में दुनिया भर के राजनयिक और डोनर देश मौजूद थे।
7 लाख से अधिक रोहिंग्या
कॉक्स बाजार का क्षेत्र बीते आठ वर्षों से विश्व का सबसे बड़ा शरणार्थी शिविर बना हुआ है। 25 अगस्त 2017 को म्यांमार के रखाइन राज्य में हिंसा भड़काने पर 7 लाख से अधिक रोहिंग्या कुछ दिनों में बांग्लादेश पहुंचे थे। संयुक्त राष्ट्र ने उस सैन्य कार्रवाई को नस्लीय आधार पर एक समाज के सफाये का उदाहरण करार दिया।
स्वदेश वापसी के लिए एक रोडमैप तैयार करें
अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार यूनुस ने कहा, हमारे घरेलू स्रोतों से आगे कोई संसाधन जुटाने की संभावना नहीं हैं ये हमारे सामने बड़ी चुनौतियां हैं। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से आग्रह किया वे रोहिंग्या संकट का स्थायी समाधान खोजें। उनकी स्वदेश वापसी के लिए एक रोडमैप तैयार करें।