CM Samrat Chaudhary Stern Message: बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपराध और कानून-व्यवस्था को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि राज्य में अपराधियों के लिए अब कोई जगह नहीं बची है। मुंगेर जिले के टेटिया बंबर प्रखंड में आयोजित ‘पंचायत विकास शिविर’ के शुभारंभ कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी और इसमें किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि बिहार को अपराधमुक्त बनाने के लिए सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है।
अधिकारियों को भी दी सख्त चेतावनी
मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक अधिकारियों को भी कड़े निर्देश देते हुए कहा कि जनता की समस्याओं के समाधान में लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने बताया कि अब तक 9 हजार अधिकारियों को नोटिस जारी किए जा चुके हैं। यदि कोई अधिकारी निर्धारित समय में शिकायतों का निपटारा नहीं करता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि समस्याओं के समाधान के लिए 30 दिन का समय दिया गया है और उसके बाद भी लापरवाही मिलने पर निलंबन की कार्रवाई होगी।
स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर दिए निर्देश
सम्राट चौधरी ने स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार पर भी जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि 15 अगस्त 2026 के बाद किसी भी सरकारी अस्पताल से मरीजों को बिना उचित कारण रेफर नहीं किया जाएगा। यदि ऐसा पाया गया तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य लोगों को बेहतर और समय पर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
सड़क नेटवर्क को मजबूत करने की योजना
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार वर्ष 2029 तक बिहार के सभी जिला मुख्यालयों को फोरलेन सड़कों से जोड़ने का लक्ष्य लेकर काम कर रही है। इसके साथ ही प्रत्येक प्रखंड को पथ निर्माण विभाग के सड़क नेटवर्क से जोड़ने की योजना भी तेजी से आगे बढ़ाई जा रही है। उन्होंने कहा कि मजबूत आधारभूत ढांचा राज्य के विकास की गति को और तेज करेगा।
महिला सशक्तिकरण पर भी दिया जोर
मुख्यमंत्री ने बताया कि बिहार में 1.81 करोड़ महिलाएं जीविका समूहों से जुड़कर आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकार महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण को प्राथमिकता दे रही है। उनके अनुसार, विकास योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसी उद्देश्य से पंचायत स्तर पर विकास शिविर आयोजित किए जा रहे हैं।