जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से कमर्शियल फ्लाइट ऑपरेशन की शुरुआत हो गई है। पहले दिन इंडिगो की विशेष उड़ान लखनऊ के लिए रवाना हुई, जिसमें 172 किसान सवार थे। ये वे किसान थे जिनकी जमीन एयरपोर्ट निर्माण के लिए अधिग्रहित की गई थी। किसानों ने लखनऊ पहुंचकर मुख्यमंत्री से मुलाकात की और परियोजना के लिए आभार व्यक्त किया। इस तरह नोएडा एयरपोर्ट ने आधिकारिक तौर पर अपनी हवाई सेवाओं की शुरुआत कर दी।
इंडिगो और अकासा का बड़ा प्लान
शुरुआती चरण में इंडिगो ने लखनऊ, बेंगलुरु, हैदराबाद, अमृतसर और जम्मू जैसे शहरों के लिए उड़ानें शुरू की हैं। जुलाई से श्रीनगर, जोधपुर, भोपाल, देहरादून, जयपुर, चंडीगढ़ और अन्य शहर भी नेटवर्क में शामिल होंगे। वहीं अकासा एयर 16 जून से बेंगलुरु और नवी मुंबई के लिए रोजाना सीधी उड़ानें शुरू कर रही है। इससे दिल्ली-एनसीआर को देश के प्रमुख बिजनेस और पर्यटन केंद्रों से बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी।
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दिल्ली एयरपोर्ट का दबाव होगा कम
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के शुरू होने से दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर यात्रियों का दबाव कम होने की उम्मीद है। दिल्ली एयरपोर्ट पर अक्सर लंबी कतारें, ट्रैफिक जाम और भीड़भाड़ की समस्या देखने को मिलती है। नया एयरपोर्ट यात्रियों को एक वैकल्पिक और सुविधाजनक विकल्प देगा। खासकर नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद और यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र के लोगों को इसका सीधा फायदा मिलेगा।
रोजगार और निवेश को मिलेगा बढ़ावा
इस एयरपोर्ट का सबसे बड़ा असर क्षेत्र की अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाला है। जेवर और आसपास के इलाकों में जमीन और प्रॉपर्टी की कीमतों में तेजी आने की संभावना है। साथ ही एविएशन, होटल, ट्रांसपोर्ट, लॉजिस्टिक्स, सिक्योरिटी, रिटेल और ग्राउंड हैंडलिंग जैसे क्षेत्रों में लाखों रोजगार के अवसर पैदा होंगे। बेहतर कनेक्टिविटी के कारण नए उद्योग और निवेश भी आकर्षित होंगे, जिससे पश्चिमी उत्तर प्रदेश को एक बड़ा आर्थिक केंद्र बनने में मदद मिलेगी।