नोएडा। साइबर क्राइम थाना नोएडा ने एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए डिजिटल अरेस्ट के जरिए सेक्टर-62 निवासी व्यक्ति से 1 करोड़ 70 लाख रुपये की ठगी करने वाले गिरोह का एक और सदस्य गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान 19 वर्षीय दीपक पुत्र मंगल कुमार, निवासी ग्राम पिलंजी, सरोजनी नगर, दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के रूप में हुई है।
डीसीपी साइबर सेल शैव्या गोयल के अनुसार, पीड़ित को साइबर ठगों ने वीडियो कॉल पर खुद को सीबीआई अधिकारी बताते हुए डिजिटल अरेस्ट किया था। ठगों ने दावा किया कि पीड़ित का मोबाइल नंबर “नरेश गोयल स्कैम” में इस्तेमाल हुआ है और गिरफ्तारी तय है। डर के मारे पीड़ित ने ठगों के खातों में कुल 1.70 करोड़ रुपये ट्रांसफर कर दिए।
मामला 16 सितंबर 2025 को दर्ज हुआ था। तफ्तीश में पुलिस ने ठगी में इस्तेमाल हुए खातों को तुरंत फ्रीज कराया। पूछताछ में आरोपी दीपक ने कबूल किया कि वह अपना बैंक खाता किराए पर देता था और ठगी की रकम आने पर अपने साथियों के साथ मिलकर एटीएम से निकाल लेता था। उसे हर ट्रांजेक्शन पर 10% कमीशन मिलता था। उसके खाते में इस केस की 1 लाख रुपये की राशि आई थी।पुलिस ने बताया कि दीपक के खाते के खिलाफ NCRB पोर्टल पर देश के अलग-अलग राज्यों से 3 और शिकायतें दर्ज हैं। इस गिरोह के 3 अन्य सदस्य पहले ही गिरफ्तार हो चुके हैं। बाकी की तलाश जारी है।बरामदगी: ठगी में इस्तेमाल हुआ एक iPhone 13 (5G) लाइट पिंक कलर
साइबर पुलिस की जनता से अपील – ऐसे बचें ठगी से: व्हाट्सएप/वीडियो कॉल पर पुलिस की वर्दी पहने किसी अज्ञात व्यक्ति का कॉल आए तो तुरंत विश्वास न करें। नंबर और नाम को गूगल करें या संबंधित विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर चेक करें।
कभी भी पार्सल में अपना आधार कार्ड या मोबाइल मिलने की बात पर यकीन न करें – यह 100% फ्रॉड है।
कोई सरकारी एजेंसी फोन पर मनी लॉन्ड्रिंग या हवाला की जांच नहीं करती और न ही पुलिस क्लीयरेंस सर्टिफिकेट मांगती है।
डराया-धमकाया जाए तो तुरंत घरवालों को बताएं और नजदीकी साइबर थाने या 1930 हेल्पलाइन पर सूचना दें।
संदिग्ध खातों की जानकारी तुरंत बैंक जाकर ब्लॉक कराएं।
पुलिस ने कहा कि इस तरह के डिजिटल अरेस्ट और CBI/नारकोटिक्स के नाम पर होने वाली ठगी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। जनता से सतर्क रहने और तुरंत शिकायत दर्ज कराने की अपील की गई है। गिरफ्तार आरोपी को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया जा रहा है।