
ग्रेटर नोएडा : राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में प्रदूषण का स्तर एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है. मंगलवार की सुबह ग्रेटर नोएडा के निवासियों को घने स्मॉग (धुंध और धुएं का मिश्रण) का सामना करना पड़ा, जिसके कारण दृश्यता (Visibility) काफी कम हो गई. प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार, ग्रेटर नोएडा की वायु गुणवत्ता गंभीर श्रेणी के करीब पहुंच गई है. सुबह के समय यहां का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 300 के पार दर्ज किया गया, जो 'बहुत खराब' श्रेणी को दर्शाता है.
यह स्थिति संवेदनशील लोगों, जैसे बच्चों, बुजुर्गों और श्वसन संबंधी बीमारियों से जूझ रहे मरीजों के लिए स्वास्थ्य संबंधी गंभीर जोखिम पैदा कर सकती है. स्मॉग छाए रहने और प्रदूषण बढ़ने का मुख्य कारण, मौसम में बदलाव के साथ-साथ पराली जलाने और वाहनों एवं निर्माण गतिविधियों से होने वाला उत्सर्जन माना जा रहा है. विशेषज्ञों ने निवासियों को सुबह के समय घर से बाहर निकलने से बचने, मास्क का उपयोग करने और अनावश्यक बाहरी गतिविधियों से दूर रहने की सलाह दी है.