नोएडा। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) को उन्नत अनुसंधान और विकास का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में आज एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया। गौतम बुद्ध यूनिवर्सिटी (जीबीयू) के एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी डॉ. लोकेश एम से मुलाकात की।
इस बैठक में नोएडा और जीबीयू ने सैद्धांतिक रूप से सहमति जताई है कि जीबीयू के कैंपस में दो प्रमुख केंद्र ऑफ एक्सीलेंस (उत्कृष्टता केंद्र) स्थापित किए जाएंगे। ये केंद्र अनुसंधान को बढ़ावा देंगे और नोएडा क्षेत्र को शोध का मजबूत हब बनाएंगे।
दो नए केंद्रों का विवरण:
सेमीकंडक्टर रिसर्च एंड टेक्नोलॉजी सेंटर (सीएसआरटी):
यह केंद्र सेमीकंडक्टर तकनीक के क्षेत्र में अत्याधुनिक अनुसंधान और नवाचार पर केंद्रित होगा। इससे इलेक्ट्रॉनिक्स और हाई-टेक उद्योगों को मजबूती मिलेगी।
ड्रग डिस्कवरी एंड डेवलपमेंट सेंटर:
यह विशेष केंद्र शुरुआत में कैंसर उपचार से जुड़े अनुसंधान और बायोटेक्नोलॉजी में नई दवाओं के विकास पर फोकस करेगा। इससे स्वास्थ्य क्षेत्र में नई संभावनाएं खुलेंगी।
यह सहयोग नोएडा को अनुसंधान का शीर्ष केंद्र बनाने में मील का पत्थर साबित होगा। इससे नवाचार को बढ़ावा मिलेगा और उच्च कौशल वाली नौकरियां पैदा होंगी।बैठक के दौरान जीबीयू की टीम में डॉ. विश्वास त्रिपाठी, रजिस्ट्रार
प्रो. राजीव वर्शनी, डीन एकेडमिक्स
डॉ. एस धनलक्ष्मी, डीन स्कूल ऑफ बायोटेक्नोलॉजी
डॉ. रेखा पुरिया, स्कूल ऑफ बायोटेक्नोलॉजी की विभागाध्यक्ष
डॉ. विदूषी शर्मा, स्कूल ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशंस की विभागाध्यक्ष
डॉ. मंगल दास, स्कूल ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशंस
नोएडा और जीबीयू दोनों ही इन चर्चाओं को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। जल्द ही फंडिंग पैटर्न को अंतिम रूप दिया जाएगा। जीबीयू की टीम संबंधित हितधारकों से फीडबैक लेगी और राजस्व मॉडल को स्पष्ट करेगी, ताकि इन केंद्रों की लंबे समय तक सफलता सुनिश्चित हो।
यह कदम उत्तर प्रदेश सरकार के विजन को साकार करेगा, जहां जीबीयू को नोएडा और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरणों द्वारा वित्त पोषित किया जाता है। इससे क्षेत्र में शिक्षा, अनुसंधान और रोजगार के नए द्वार खुलेंगे।