Noida News: नोएडा प्राधिकरण ने निर्माण परियोजनाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। अब किसी भी प्रोजेक्ट के निर्माण के दौरान और उसके पूरा होने के बाद थर्ड पार्टी एजेंसी गुणवत्ता की जांच करेगी। एजेंसी की रिपोर्ट आने के बाद ही निर्माण कंपनी के बिल को अप्रूवल दिया जाएगा। प्राधिकरण ने इसके लिए टेंडर जारी किया था, जिसकी प्री-बिड बैठक में 11 कंपनियां शामिल हुईं। इन कंपनियों से सुझाव लिए गए और दस्तावेजों की जांच की जा रही है। आगामी एक सप्ताह में किसी एक कंपनी का चयन कर लिया जाएगा।
एजेंसी अपनी रिपोर्ट सीधे प्राधिकरण के सीईओ को सौंपेगी
दरअसल, अक्सर शिकायतें आती रही हैं कि निर्माण कंपनियां लागत बचाने के लिए गुणवत्ता से समझौता करती हैं। कई बार प्राधिकरण अधिकारी इसे पकड़ लेते हैं, लेकिन कभी-कभी चूक भी हो जाती है। ऐसे में थर्ड पार्टी ऑडिट की जरूरत महसूस की गई। थर्ड पार्टी एजेंसी अपनी रिपोर्ट सीधे प्राधिकरण के सीईओ को सौंपेगी, जिसके बाद ही बिल प्रोसेस शुरू होगा।
प्री-बिड में शामिल कंपनियां
सर्टिफिकेशन इंजीनियर्स इंटरनेशनल लिमिटेड, जेपीएस एसोसिएट प्राइवेट लिमिटेड, आर्ची बिजनेस सोल्यूशन, क्रेडिबल मैनेजमेंट एंड कंसल्टेंट प्राइवेट लिमिटेड, वेपकॉस लिमिटेड, बीएलजी कंस्ट्रक्शन सर्विस, क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया, फार्टेस इंफ्रा कॉन लिमिटेड, चॉइस कंसल्टेंसी सर्विस प्राइवेट लिमिटेड और मेधज टेक्नो कांसेप्ट प्राइवेट लिमिटेड जैसी कंपनियां इस प्रक्रिया में शामिल हुई हैं। इन्हीं में से किसी एक का चयन किया जाएगा।
कंपनी की जिम्मेदारी
नोएडा प्राधिकरण पहले भी थर्ड पार्टी से प्रोजेक्ट की जांच करवाता रहा है और उनकी रिपोर्ट को अहम माना जाता है। इस बार चयनित कंपनी का काम होगा कि मौके पर जाकर निर्माणाधीन प्रोजेक्ट की जांच करे और पूरा होने के बाद भी गुणवत्ता परखी जाए। इसी रिपोर्ट के आधार पर निर्माण कंपनी के कार्यों की गुणवत्ता तय होगी और भुगतान की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।