
नोएडा प्राधिकरण की ओर से 43 बिल्डर परियोजनाओं को बकाया राशि जमा करने के लिए दी गई समयसीमा शुक्रवार यानि 31 अक्टूबर को खत्म हो रही है। अगर तय समय तक बिल्डरों की ओर से करीब 9,000 करोड़ रुपये की बकाया राशि जमा नहीं की जाती, तो 1 नवंबर से राहत पैकेज वापस ले लिया जाएगा।
नोटिस जारी किया गया था
नोएडा प्राधिकरण के चेयरमैन दीपक कुमार के निर्देश पर इन बिल्डरों को पहले ही नोटिस जारी किया गया था। यह राहत पैकेज उन परियोजनाओं के लिए था जो लंबे समय से अधूरी पड़ी थीं और जिनमें खरीदारों को फ्लैट मिलने में देरी हो रही थी। प्राधिकरण ने कुल 57 बिल्डर परियोजनाओं को राहत दी थी, जिनमें से 6 परियोजनाओं का बकाया जीरो पीरियड के तहत समाप्त हो चुका है।
बकाया राशि जमा न करने की स्थिति में:
बिल्डरों को दी गई रियायतें और समयसीमा समाप्त हो जाएगी।
प्राधिकरण द्वारा आवंटन रद्द करने की कार्रवाई शुरू की जा सकती है।
खरीदारों को फ्लैट मिलने में और देरी हो सकती है।
बिल्डर समय पर भुगतान करें
प्राधिकरण का उद्देश्य है कि बिल्डर समय पर भुगतान करें ताकि अधूरी परियोजनाओं को पूरा किया जा सके और हजारों फ्लैट खरीदारों को राहत मिल सके। इस कदम से नोएडा में रियल एस्टेट सेक्टर में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी। बिल्डरों के लिए यह अंतिम चेतावनी है कि वे आज ही बकाया राशि जमा करें, अन्यथा कल से राहत पैकेज की सभी सुविधाएं समाप्त कर दी जाएंगी।