नोएडा। नोएडा के सेक्टर-150 में निर्माणाधीन बेसमेंट के पानी भरे गड्ढे में कार गिरने से सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की दुखद मौत के मामले में अब नौएडा सिटीजन फोरम सक्रिय हो गया है। फोरम ने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (SIT) से मिलने के लिए समय मांगा है और जनता को भी अपनी बात रखने का अवसर देने की मांग की है।
फोरम के सेक्रेटरी जनरल प्रशांत त्यागी द्वारा SIT को लिखे पत्र में कहा गया है कि यह घटना न केवल मानवता को शर्मसार करती है, बल्कि अधिकारियों की लापरवाही से नागरिकों के मानवाधिकारों के हनन का स्पष्ट उदाहरण है।
उल्लेखनीय है कि SIT का गठन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेश पर किया गया है, ताकि निष्पक्ष जांच हो सके, पीड़ित परिवार को न्याय मिले और दोषी अधिकारियों/कर्मचारियों/संबंधित पक्षों को सजा दी जा सके।फोरम ने SIT से महत्वपूर्ण पहलुओं पर चर्चा करने की इच्छा जताई है, जो मामले के सही निराकरण में सहायक साबित हो सकते हैं। साथ ही, पत्र में मांग की गई है कि सार्वजनिक सूचना जारी की जाए, समाचार पत्रों और सोशल मीडिया के माध्यम से—जिसमें उल्लेख हो कि कोई भी नोएडा का नागरिक या अन्य व्यक्ति यदि इस मामले में कुछ बताना चाहता है या SIT से मिलना चाहता है, तो निर्धारित तारीख, समय और स्थान पर संपर्क कर सकता है।
फोरम ने उम्मीद जताई है कि न्याय और लोकहित में SIT व्यापक दृष्टिकोण अपनाते हुए ऐसी सार्वजनिक सूचना जारी करेगी, ताकि आम जनमानस की आवाज भी जांच में शामिल हो सके।
यह कदम युवराज मेहता की मौत के बाद उठ रही जनाक्रोश, प्रदर्शनों और लापरवाही के आरोपों के बीच आया है, जहां पहले से ही SIT जांच चल रही है, नोएडा अथॉरिटी CEO हटाए जा चुके हैं, एक जूनियर इंजीनियर बर्खास्त हुआ है और बिल्डरों के खिलाफ कार्रवाई हुई है।