नोएडा। सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए फरीदाबाद के बिल्डर और लोटस ग्रीन कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर रवि बंसल को गिरफ्तार कर लिया है। उनके साथ कंपनी के दूसरे डायरेक्टर सचिन करनवाल को भी पुलिस ने हिरासत में लिया है।
हादसे की पृष्ठभूमि
16 जनवरी की रात ग्रेटर नोएडा सेक्टर-150 में 27 वर्षीय युवराज मेहता की कार पानी से भरे गहरे गड्ढे में फंस गई थी। वह कार की छत पर चढ़कर करीब 90 मिनट तक मोबाइल की टॉर्च जलाकर मदद का संकेत देते रहे, लेकिन समय पर सहायता नहीं मिल सकी और उनकी मौत हो गई।
पुलिस जांच में सामने आया कि निर्माणाधीन प्लॉट में लंबे समय से पानी भरा हुआ था और सुरक्षा मानकों की पूरी तरह अनदेखी की गई थी। पुलिस का कहना है कि यदि साइट पर चेतावनी संकेत और सुरक्षा इंतजाम होते तो हादसा टाला जा सकता था।
पुलिस की कार्रवाई
नॉलेज पार्क थाने में 18 जनवरी को पहली एफआईआर दर्ज की गई थी।
मुख्य आरोपी बिल्डर अभय कुमार पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।
अब रवि बंसल और सचिन करनवाल की गिरफ्तारी हुई है।
फरार आरोपी निर्मल सिंह के सेक्टर-126 स्थित दफ्तर को पुलिस ने सील कर दिया है।
दूसरी एफआईआर
नॉलेज पार्क थाना पुलिस ने पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम और जल प्रदूषण कानूनों के तहत एक और एफआईआर दर्ज की है। इसमें अभय कुमार, संजय कुमार, मनीष कुमार, अंचल बोहरा और निर्मल कुमार को आरोपी बनाया गया है। शिकायत में कहा गया कि सेक्टर-150 में गश्त के दौरान एक गहरा गड्ढा मिला, जिसमें वर्षों से पानी भरा हुआ था।
SIT की जांच
विशेष जांच टीम (SIT) ने नोएडा प्राधिकरण के सिविल, परियोजना और यातायात विभाग सहित कई विभागों से सेक्टर-150 में कराए गए कार्यों का विस्तृत विवरण मांगा है। खास तौर पर उस स्थान के आसपास हुए निर्माण और विकास कार्यों की जानकारी तलब की गई है।