
नोएडा के थाना फेस-2 पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार किया है, जो पूर्व सैनिकों के ECHS कार्ड का गलत इस्तेमाल कर फर्जी मरीजों को अस्पताल में भर्ती करवाकर पैसे कमा रहे थे। सभी बुलन्दशहर के रहने वाले हैं।डीसीपी सेंट्रल नोएडा शक्तिमोहन अवस्थी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पकड़े गए लोगों के पास से 4 मोबाइल फोन और 7 ECHS कार्ड की कॉपियां मिली हैं।
क्या हुआ था?
डीसीपी सेंट्रल नोएडा ने बताया कि 18 अक्टूबर को पुलिस ने सेक्टर 110 के तिकोना पार्क के पास चार लोगों दानिश (21 साल), प्रदीप गौर (23 साल), सुमित (33 साल), और पूरन सिंह (60 साल) को पकड़ा। ये सभी बुलंदशहर के रहने वाले हैं। दानिश ने डी-फार्मा की पढ़ाई की है, और प्रदीप नोएडा के एक अस्पताल में काम करता है।
इनका तरीका क्या था?
ये लोग फर्जी तरीके से ECHS कार्ड का इस्तेमाल करते थे। वे फर्जी मरीजों को कार्ड पर लिखे नाम और पते के आधार पर अस्पताल में भर्ती करवाते थे। मरीजों के परिवार वालों से वे पहले कुछ पैसे लेते थे और बाकी पैसे मरीज के डिस्चार्ज होने के बाद वसूलते थे। इस तरह वे गैरकानूनी तरीके से कमाई करते थे। ये लोग दिल्ली-एनसीआर के उन अस्पतालों में भी ऐसा कर चुके हैं, जो ECHS योजना के तहत काम करते हैं। पकड़े जाने से बचने के लिए वे व्हाट्सएप कॉल का इस्तेमाल करते थे और बार-बार अपनी जगह बदलते रहते थे।
कानूनी कार्रवाई
इन लोगों के खिलाफ थाना फेस-2 में केस दर्ज किया गया है। पुलिस इस मामले की गहराई से जांच कर रही है ताकि इनके बाकी साथियों और नेटवर्क का पता लगाया जा सके।
पुलिस की सलाह
डीसीपी शक्तिमोहन अवस्थी ने लोगों से कहा है कि वे इस तरह के धोखाधड़ी से सावधान रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।