गौतमबुद्धनगर पुलिस ने ऑनलाइन गेमिंग और गैंबलिंग के नाम पर लोगों को ठगने वाले एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया है। थाना बिसरख पुलिस की टीम ने छापेमारी कर 3 पुरुषों और 5 महिलाओं सहित कुल 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरोह "Mazabook Maze se jeeto" नामक फर्जी ऐप के जरिए लोगों को ज्यादा पैसा जीतने का लालच देकर ठगता था।
सेंट्रल नोएडा के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) शक्तिमोहन अवस्थी ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस कार्रवाई की जानकारी दी। उन्होंने कहा, "यह गिरोह बेहद शातिराना तरीके से काम करता था। शुरू में पीड़ितों को छोटी-मोटी रकम जितवाकर भरोसा कायम करते थे, फिर बड़े निवेश पर गेम को कंट्रोल करके उनका सारा पैसा डुबो देते थे। अगर कोई जीतकर पैसा निकालने की कोशिश करता तो अकाउंट ब्लॉक कर देते थे। यह साइबर अपराध की बढ़ती समस्या का एक गंभीर उदाहरण है।"
चौथी मंजिल पर दबिश दी गई
डीसीपी ने बताया कि 7 जनवरी को लोकल इंटेलिजेंस और गोपनीय सूचना के आधार पर गौर सिटी सेंटर के निकट चौथी मंजिल पर दबिश दी गई। मौके से बड़ी मात्रा में आपत्तिजनक सामग्री बरामद हुई, जिसमें 18 मोबाइल फोन, 4 लैपटॉप,155 फर्जी इस्तेमाल की हुई सिम कार्ड (विभिन्न कंपनियों की),50 पेमेंट QR कोड, 45,000 रुपये नकद,2 कंप्यूटर मॉनीटर,4 वाई-फाई मॉडम,10 पेज डाटा शीट और 10 कॉलिंग हेडफोन शामिल हैं।
ठगी का तरीका बेहद सुनियोजित
पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि वे क्रिकेट, कैसीनो, एवियेटर, रूलेट और नंबरिंग गेम जैसी बेटिंग करवाते थे। मुख्य आरोपी सोनल उर्फ अनिरुद्ध पूर्व में ऑनलाइन गेमिंग का डाटा निकालकर कॉलिंग टीम को उपलब्ध कराता था। कॉल करके बोनस और फ्री गेम का लालच दिया जाता था। शुरू में 1500 रुपये तक फ्री क्रेडिट देते थे, छोटी जीत दिखाते थे और रजिस्ट्रेशन के नाम पर 500 रुपये लेते थे। फर्जी KYC दस्तावेज और प्री-एक्टिवेटेड QR कोड से पेमेंट करवाते थे। कई बैंकों के खातों की डिटेल्स भी बरामद हुई हैं।
गिरफ्तार आरोपियों में गर्व (21 वर्ष), मूल निवासी अलीगढ़, अजय सिंह (28 वर्ष), मूल निवासी गाजीपुर (उप्र), सोनल उर्फ अनिरुद्ध (32 वर्ष), मूल निवासी जबलपुर (मध्यप्रदेश) - गिरोह का सरगना,
रुचि (20 वर्ष), मूल निवासी फिरोजाबाद,
कोमल (20 वर्ष), मूल निवासी कानपुर,
सुषमा (21 वर्ष), मूल निवासी उत्तराखंड,
तनीषा (20 वर्ष), निवासी गाजियाबाद
व सानिया सिंह (23 वर्ष), मूल निवासी प्रतापगढ़ (उप्र) शामिल हैं।
इस मामले में धारा 318(4)/319(1)/338/336(3)/340(2) बीएनएस, 13 जुआ अधिनियम एवं 66(सी)/66(डी) आईटी एक्ट के तहत दर्ज किया गया।
15,000 रुपये का इनाम देने की घोषणा
डीसीपी अवस्थी ने सफल पुलिस टीम की सराहना करते हुए उन्हें 15,000 रुपये का इनाम देने की घोषणा की। उन्होंने आमजन से अपील की कि ऐसे लालच भरे ऐप्स और संदिग्ध कॉल्स से सावधान रहें तथा किसी भी शिकायत के लिए साइबर हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी थाने में संपर्क करें।