नोएडा। थाना फेस-1 पुलिस ने एक बड़े अंतर्राष्ट्रीय साइबर अपराधी को पकड़ा है। यह कार्रवाई गृह मंत्रालय से मिली सूचना के बाद की गई है। पुलिस ने 1XBET नाम के प्रतिबंधित ऑनलाइन बेटिंग ऐप के अवैध कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया और एक साइबर अपराधी को गिरफ्तार किया है। यह ऐप भारत में बैन है, लेकिन अपराधी लोग इसे चलाकर लोगों से पैसे लगवाकर ठगी कर रहे थे।
एडीसीपी नोएडा व डीसीपी (साइबर क्राइम) शैव्या गोयल ने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्रालय से मिली गोपनीय जानकारी के आधार पर पुलिस ने सेक्टर-1, नोएडा में MIR PEGASIS CONNECT PVT LTD कंपनी के दूसरे तल पर छापेमारी की। यहां से अनूप श्रेष्ठ (31 वर्ष) नाम के अपराधी को गिरफ्तार किया गया। अनूप नेपाल का रहने वाला है और वर्तमान में सेक्टर-94, सुपरनोवा बिल्डिंग में रहता था।
शैव्या गोयल ने कहा कि "यह गैंग लोगों को फोन करके ऑनलाइन बेटिंग (जुआ) खेलने के लिए उकसाता था। वे कहते थे कि आसानी से पैसा कमाया जा सकता है। लोग पैसे जमा करते थे, लेकिन जीतने पर पैसे नहीं मिलते थे। ठगी का पैसा मनी लॉन्ड्रिंग (काले धन को सफेद करने) के जरिए घुमाकर विदेश भेजा जाता था, जिससे भारत सरकार को राजस्व का नुकसान होता है।"
इस कॉल सेंटर से 1 डेल सर्वर
4 कंप्यूटर सीपीयू,
3 राउटर,
10 पीएनटी फोन,
1 कीबोर्ड (अंग्रेजी और रूसी भाषा वाला) और 1 सैमसंग एंड्रॉयड मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।
ये सभी चीजें 1XBET ऐप चलाने और लोगों से बात करके पैसे ऐंठने में इस्तेमाल हो रही थीं। सर्वर में ठगी से जुड़ा पूरा डेटा है। जांच में पता चला कि इस ऐप के खिलाफ देश के कई राज्यों में केस दर्ज हैं। यह ऐप कोई ऑफिशियल ऐप नहीं है, बल्कि थर्ड पार्टी APK फाइल से डाउनलोड किया जाता है। कंपनी ने इंडोनेशिया की एक फर्म के साथ समझौते की आड़ में यह गैरकानूनी काम किया।
शैव्या गोयल के अनुसार अनूप मई 2022 में नेपाल से दिल्ली आया, फिर रूस (मॉस्को) चला गया। वहां उसने जॉब ढूंढी और नवंबर 2022 से ढाई साल तक 1XBET कंपनी में काम किया। कंपनी की रूसी अधिकारी 'लीजा' ने उसे भारत भेजा। जून 2025 में वह भारत लौटा और यहां सेक्टर-1 में कॉल सेंटर चलाने लगा। पहले उसे 'REDDY APP' आईडी दी गई थी, जिससे संपर्क किया जाता था। इस मामले में धारा 318(4)/61(2) बीएनएस, 3/4 सार्वजनिक जुआ अधिनियम और 66D आईटी एक्ट के तहत थाना फेस-1 में केस दर्ज हुआ है।
एडीसीपी शैव्या गोयल ने कहा, "यह कार्रवाई साइबर क्राइम पर हमारी सख्त नीति का हिस्सा है। हम ऐसे गैंगों को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेंगे। जांच जारी है, बैंक खातों और कंपनी मालिकों की जानकारी ली जा रही है। लोगों से अपील है कि ऐसे बैन ऐप्स पर पैसा न लगाएं और संदिग्ध कॉल आने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन पर रिपोर्ट करें।"