पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के निर्देशन में गौतमबुद्धनगर साइबर पुलिस ने दो सनसनीखेज साइबर अपराधों का सफलतापूर्वक खुलासा किया है। पहली कार्रवाई में नैनीताल बैंक के सर्वर को हैक कर 16 करोड़ रुपये की ठगी करने वाले अंतरराष्ट्रीय गैंग के 6 सदस्यों की पहचान की गई, जिनमें एक नाइजीरियन नागरिक भी शामिल है। दूसरी कार्रवाई में धार्मिक भावनाएँ भड़काने के लिए इंटरनेट IVR कॉल से अभद्र और भड़काऊ संदेश भेजने वाले आरोपी को नेपाल सीमा से गिरफ्तार किया गया।
1. नैनीताल बैंक सर्वर हैकिंग केस: 16 करोड़ की ठगी, 3 करोड़ फ्रीज
साइबर अपराधियों ने नैनीताल बैंक के सर्वर में बैकडोर एक्सेस बनाकर लगभग 16 करोड़ रुपये फर्जी और संदिग्ध खातों में ट्रांसफर कर दिए थे। साइबर पुलिस ने सर्वर लॉग, IP ट्रेसिंग, नेटवर्क ट्रैफिक एनालिसिस और डिजिटल फॉरेंसिक के आधार पर 6 आरोपियों को चिह्नित किया। इनमें एक नाइजीरियन नागरिक भी है जो विदेशी साइबर सिंडिकेट से जुड़ा हुआ है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई कर अभी तक लगभग 3 करोड़ रुपये फ्रीज/बरामद कर लिए हैं। शेष राशि की रिकवरी और अन्य सहयोगियों की तलाश जारी है।
2. धार्मिक भावनाएँ भड़काने वाला IVR कॉल केस: नेपाल बॉर्डर से गिरफ्तारी
कुछ असामाजिक तत्व देवी-देवताओं के नाम पर अभद्र, आपत्तिजनक और साम्प्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाले संदेश इंटरनेट आधारित IVR कॉल के जरिए देश के विभिन्न हिस्सों में फैला रहे थे। साइबर पुलिस की सोशल मीडिया मॉनिटरिंग, कॉल डेटा एनालिसिस और PRI लाइन की तकनीकी जांच से पता चला कि आरोपी ने “कन्हैया झा” के फर्जी नाम से PRI लाइन और इंटरनेट कॉलिंग सुविधाएँ ली थीं। विशेष टीम ने अंतरराष्ट्रीय सीमा पर ऑपरेशन चलाकर आरोपी को नेपाल बॉर्डर से धर दबोचा। आरोपी ने फर्जी कंपनियाँ बनाकर अवैध इंटरनेट कॉलिंग का पूरा नेटवर्क खड़ा किया था, जिसे पुलिस ने तत्काल प्रभाव से बंद करा दिया। सभी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और डिजिटल साक्ष्य जब्त कर लिए गए हैं।
डीसीपी साइबर क्राइम शैव्या गोयल ने बताया कि दोनों ही मामले अत्यंत संवेदनशील थे और तकनीकी विशेषज्ञता व सर्विलांस के दम पर इन्हें सुलझाया गया। पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने टीम को बधाई दी है और साइबर अपराधों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर चलते हुए लगातार कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।पुलिस ने आमजन से अपील की है कि ऑनलाइन ठगी और साइबर फ्रॉड से बचने के लिए अज्ञात लिंक न खोलें, OTP या बैंकिंग जानकारी कभी शेयर न करें और कोई भी संदिग्ध कॉल/मैसेज मिलने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।