एग्जाम खत्म होने की खुशी मनाने गए एमिटी यूनिवर्सिटी के छात्रों के लिए पार्टी पिकनिक मौत का कारण बन गई। नोएडा के सेक्टर-94 में सुपरनोवा सोसाइटी के पास स्थित एक खाली पड़े पुराने निर्माण स्थल पर भरे पानी के गड्ढे में नहाते समय छात्र हर्षित भट्ट की डूबकर मौत हो गई। हादसे में उनके तीन अन्य साथियों को पुलिस ने तुरंत रेस्क्यू कर उनकी जान बचा ली।
डीसीपी (नोएडा) साद मिया खान ने आधिकारिक जानकारी देते हुए बताया कि बुधवार को थाना सेक्टर-126 क्षेत्र के अंतर्गत एमिटी यूनिवर्सिटी के चार छात्र परीक्षा समाप्त होने के बाद पार्टी/पिकनिक मनाने सुपरनोवा के पास स्थित खाली पड़े पुराने निर्माण स्थल पर गए थे। पार्टी के दौरान एक छात्र हर्षित भट्ट (निवासी इंदिरापुरम, गाजियाबाद) पास में भरे हुए पानी में नहाने के लिए उतर गया। नहाते समय वह अचानक गहरे पानी में डूब गया।
डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया
डीसीपी साद मिया खान ने आगे बताया, “घटना की सूचना छात्रों के साथियों द्वारा डायल-112 पर दी गई। सूचना मिलते ही पीआरवी कर्मी, थाना सेक्टर-126 की पुलिस टीम और स्थानीय गोताखोरों की व्यवस्था कर तत्काल मौके पर पहुंची। पुलिस ने हर्षित भट्ट को पानी से बाहर निकाला और उसे तुरंत अस्पताल ले गई, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बचाव कार्य के दौरान पानी में उतरे उसके तीन साथियों को भी सुरक्षित रेस्क्यू किया गया। उनकी स्थिति सामान्य है।” पुलिस ने सभी पहलुओं की जांच शुरू कर दी है और घटना के संबंध में अन्य विधिक कार्यवाही प्रचलित है।
प्राधिकरण की लापरवाही पर सवाल
यह घटना एक बार फिर नोएडा प्राधिकरण के खुले और असुरक्षित निर्माण गड्ढों पर बड़े सवाल खड़े करती है। कुछ महीने पहले जनवरी 2026 में सेक्टर-150 में युवराज मेहता की ठीक इसी तरह डूबकर मौत हो चुकी थी। उस समय भी प्राधिकरण ने डेथ पॉइंट चिन्हित करने, बैरिकेडिंग लगाने और सुरक्षा व्यवस्था सुधारने के आदेश दिए थे, लेकिन ये दावे कागजों तक ही सीमित रह गए। विभागीय बदलाव और कार्रवाई के वादे फेल साबित हुए और आज एक और युवा जान चली गई।
दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी
स्थानीय लोगों और छात्रों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि सेक्टर-94 जैसे क्षेत्रों में खाली प्लॉट्स और पुराने निर्माण स्थलों पर गड्ढे बिना किसी सुरक्षा घेरे या चेतावनी के खुले पड़े रहते हैं। बारिश या जलभराव के कारण ये गड्ढे मौत के जाल बन जाते हैं। एमिटी यूनिवर्सिटी प्रशासन ने भी मामले में संज्ञान लिया है और मृतक छात्र के परिवार से संपर्क किया जा रहा है। मृतक छात्र हर्षित भट्ट के परिवार ने न्याय की मांग की है।पुलिस ने निर्माण स्थल की लापरवाही के पहलुओं की भी जांच शुरू कर दी है। डीसीपी साद मिया खान ने आश्वासन दिया कि पूरे मामले की गहन जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।