नोएडा। गौतमबुद्धनगर पुलिस कमिश्नरेट की थाना फेज-1 पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए एक अंतरराज्यीय फर्जी कॉल सेंटर गिरोह का पर्दाफाश किया है। यह गिरोह नौकरी की तलाश में भटक रहे युवकों को Naukri.com का कर्मचारी बताकर लाखों रुपए ठग रहा था।
शुक्रवार को पुलिस ने सैक्टर-4 की बिल्डिंग नंबर A-88 के दूसरे तल पर छापेमारी की। वहां से गिरोह के दो मुख्य सरगना अनुज कुमार (33) और रोमेश मलिक (24) को गिरफ्तार किया गया। दोनों मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मेरठ और शामली जिले के रहने वाले हैं, लेकिन दिल्ली के अशोक नगर में रहकर यह धंधा चला रहे थे।
ठगी का तरीका बेहद शातिराना था।
गिरोह ने Foundit.com से 30 हजार रुपए में बेरोजगार युवकों का डाटा खरीदा था। इसके बाद फर्जी नाम-पते से फोन करके खुद को Naukri.com का कर्मचारी बताते थे। पहले 950 रुपए रजिस्ट्रेशन फीस के नाम पर लेते, फिर एक के बाद एक बहाने बनाकर पैसे ऐंठते थे।डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन, एम्प्लॉयमेंट वेरिफिकेशन, फाइल सबमिशन चार्ज, प्रोफाइल फाइनलाइजेशन और NOC चार्ज जैसे कई फर्जी शुल्क के नाम पर एक ही शख्स से 40 से 50 हजार रुपए तक वसूल कर लेते थे। जो पीड़ित बार-बार फोन करते या पैसे वापस मांगते, उन्हें तुरंत ब्लॉक कर दिया जाता था।
कुछ लोगों को चुप कराने के लिए फर्जी जॉइनिंग लेटर और ऑफर लेटर भी थमा देते थे। गोपनीयता बनाए रखने के लिए ये लोग केवल महिला कर्मचारियों को एक महीने के लिए हायर करते थे और फिर नौकरी से निकाल देते थे, ताकि कोई अंदर की बात बाहर न ले जा सके।
मुख्य आरोपी अनुज कुमार तो 8-10 साल से इस धंधे में सक्रिय है। साल 2017 में हैदराबाद में भी ठीक यही ठगी करने के कारण उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज हो चुका है। पुलिस का कहना है कि यह गिरोह देश के अलग-अलग शहरों में घूम-घूमकर बेरोजगारों को निशाना बनाता रहा है।
पुलिस ने मौके से 11 की-पैड फोन, एक वीवो स्मार्टफोन, सात फर्जी कंपनियों की मोहरें, चार फर्जी जॉइनिंग लेटर, चार कंप्यूटर सेट और ऑफिस फोन से 34 महत्वपूर्ण स्क्रीनशॉट बरामद किए हैं।
इस मामले में थाना फेज-1 में मुकदमा संख्या 475/2025 under section 318(4)/319(2)/336(3) BNS और 66-D IT एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस का दावा है कि इस गिरोह ने सैकड़ों युवकों को ठगा है। जांच जारी है और जल्द ही अन्य सदस्यों व पीड़ितों की पूरी लिस्ट सामने आएगी।
पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि नौकरी के नाम पर कोई भी पैसा देने से पहले कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट और HR से सीधे संपर्क करके सत्यता जरूर जांच लें।