नोएडा। शेयर मार्केट में निवेश करके मोटा मुनाफा कमाने का लालच देकर ठगों ने पूरे देश में लोगों से 35 करोड़ रुपये से ज्यादा की ठगी की। नोएडा साइबर क्राइम पुलिस ने इस गिरोह के एक मुख्य सदस्य को हरियाणा के रोहतक से गिरफ्तार किया है। आरोपी का नाम सुधाकर गर्ग है, जो 40 साल का है।
ठगी का तरीका: ऐसे बनाते थे शिकार
डीसीपी साइबर क्राइम शैव्या गोयल ने बताया कि ठगों का तरीका बहुत शातिराना था। वे लोगों को व्हाट्सएप या टेलीग्राम ग्रुप में जोड़ते थे। वहां फर्जी एक्सपर्ट बनकर शेयर ट्रेडिंग की सलाह देते और दिखाते कि निवेश से कितना फायदा हो रहा है। लोग लालच में आकर पैसे ट्रांसफर कर देते।लेकिन असल में ये पैसे चीनी ठगों के कंट्रोल वाले बैंक खातों में जाते थे। इन खातों को लोकल लोग जैसे सुधाकर गर्ग उपलब्ध कराते थे। सुधाकर ने बताया कि उसकी मुलाकात इंस्टाग्राम पर राशिद खान उर्फ लकी से हुई थी। राशिद ने उसे जीएसटी फर्म और बैंक खाते खुलवाने को कहा। मुंबई बुलाकर खाते खुलवाए गए।ठगी के पैसे इन खातों में आते, फिर ठग उन्हें निकाल लेते। बदले में खाताधारकों को 7-10% कमीशन नकद मिलता, जबकि सुधाकर जैसे लोगों को 1-3% USDT (एक तरह की क्रिप्टोकरेंसी) दी जाती। सुधाकर ये USDT बिनांस जैसे प्लेटफॉर्म पर बेचता और पैसे यूपीआई से अपने खाते में डाल लेता। इस तरह पैसे का पता लगाना मुश्किल हो जाता।
एक शिकायत से खुला पूरा मामला
एक व्यक्ति ने नोएडा पुलिस में शिकायत की कि उसे शेयर निवेश के नाम पर 12 करोड़ रुपये की ठगी हुई। पुलिस ने केस दर्ज किया और जांच में संदिग्ध खातों को फ्रीज कराया। जांच आगे बढ़ी तो पता चला कि सुधाकर के 5 बैंक खातों से पूरे देश में ठगी हुई। एनसीआरबी पोर्टल पर इन खातों के खिलाफ 37 शिकायतें दर्ज हैं – आंध्र प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, कर्नाटक, महाराष्ट्र समेत कई राज्यों से।इससे पहले गिरोह के 4 आरोपी नोएडा पुलिस ने पकड़े, 2 को मुंबई और 2 को हैदराबाद पुलिस ने गिरफ्तार किया। राशिद खान और उसके साथी पहले भी ऐसे मामलों में जेल जा चुके हैं।
आरोपी का पुराना रिकॉर्ड
सुधाकर गर्ग पर पहले भी कई केस दर्ज हैं – ठगी, धमकी और आबकारी एक्ट के। अब उसे जेल भेज दिया गया है। पुलिस बाकी ठगों की तलाश कर रही है।
सावधानी जरूरी: पुलिस की सलाह
ऐसे ठगों से बचने के लिए:कोई अनजान लिंक या मैसेज पर क्लिक न करें।
निवेश की जानकारी सिर्फ SEBI की ऑफिशियल वेबसाइट से चेक करें।
अनजान व्हाट्सएप या टेलीग्राम ग्रुप जॉइन न करें।
शेयर ट्रेडिंग सिर्फ बैंक या विश्वसनीय डीमैट अकाउंट से करें।
कभी किसी अज्ञात खाते में सीधे पैसे न भेजें।
ठगी हो जाए तो तुरंत 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं।यह मामला दिखाता है कि साइबर ठग कितने संगठित हो गए हैं और क्रिप्टोकरेंसी का इस्तेमाल कर कैसे पैसे छिपाते हैं। पुलिस की सतर्कता से बड़ा नेटवर्क टूटा है।