Noida violence: नोएडा में 13 अप्रैल को हुई हिंसा के मामले में बड़ा खुलासा सामने आया है। पुलिस जांच में पता चला है कि उपद्रव को भड़काने के लिए पाकिस्तान से संचालित सोशल मीडिया अकाउंट्स का इस्तेमाल किया गया। इस घटना के बाद पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए कई आरोपितों को गिरफ्तार किया है और साजिश के पीछे के नेटवर्क की जांच तेज कर दी है।
ट्विटर हैंडल से फैलाई गई अशांति
पुलिस के अनुसार, प्राउड इंडियन और मीर इलयाज inc नाम के दो ट्विटर हैंडल से भड़काऊ पोस्ट किए गए थे। ये अकाउंट पाकिस्तान से संचालित बताए जा रहे हैं। जांच में वीपीएन और संदिग्ध आईपी एड्रेस के सुराग भी मिले हैं। ये पोस्ट उस समय किए गए जब हिंसा अपने चरम पर थी, जिससे भीड़ और ज्यादा उग्र हो गई।
हिंसा में बाहरी तत्वों की भूमिका
जांच में सामने आया है कि हिंसा में कई बाहरी तत्व भी शामिल थे। अब तक 66 मुख्य आरोपितों सहित करीब 500 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें कई ऐसे लोग भी शामिल हैं, जो स्थानीय नहीं थे और आगजनी व तोड़फोड़ में सक्रिय भूमिका निभा रहे थे। पुलिस को कुछ संगठनों और राजनीतिक कनेक्शन के संकेत भी मिले हैं।
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पुलिस की सख्त कार्रवाई जारी
नोएडा पुलिस ने मामले में तेजी से कार्रवाई करते हुए कई आरोपितों को हिरासत में लिया है। आगजनी और हिंसा में शामिल लोगों की पहचान कर लगातार गिरफ्तारी की जा रही है। प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।
स्थिति नियंत्रण में, जांच जारी
सरकार के निर्देश पर प्रशासन ने तेजी से कदम उठाते हुए हालात को काबू में कर लिया है। फिलहाल इलाके में शांति बनी हुई है, लेकिन पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि साजिश में शामिल सभी लोगों को चिन्हित कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।