उत्तर प्रदेश के Noida में मजदूरों का प्रदर्शन अचानक हिंसक हो गया, जिससे कई इलाकों में तनाव की स्थिति पैदा हो गई। वेतन वृद्धि की मांग को लेकर सड़कों पर उतरे श्रमिकों ने सेक्टर 63, 64, 80 और 121 में जमकर हंगामा किया। हालात बिगड़ने पर पुलिस को सख्त कदम उठाने पड़े और अब तक 300 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
कई सेक्टरों में हिंसा और तोड़फोड़
नोएडा के फेज-2 क्षेत्र में प्रदर्शन के दौरान कुछ समूहों ने पथराव शुरू कर दिया और कई गाड़ियों में तोड़फोड़ की। Noida के सेक्टर 63, 64, 80 और 121 में स्थिति काफी तनावपूर्ण रही, जहां पुलिस को हालात काबू में करने के लिए बल प्रयोग करना पड़ा।
पुलिस का एक्शन और फ्लैग मार्च
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया और संवेदनशील इलाकों में फ्लैग मार्च निकाला गया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, उपद्रवियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जा रहा है। कई पुलिसकर्मी भी इस दौरान घायल हुए हैं और पूरे इलाके में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।
वेतन वृद्धि का ऐलान, फिर भी नाराजगी
हिंसक प्रदर्शन के बीच सरकार ने मजदूरों के लिए अंतरिम राहत के तौर पर न्यूनतम वेतन बढ़ाने का ऐलान किया है। कुशल, अर्धकुशल और अकुशल श्रमिकों के वेतन में 21% तक बढ़ोतरी की गई है, जो 1 अप्रैल से लागू मानी जाएगी। हालांकि कई मजदूरों का कहना है कि उन्हें इस बढ़ोतरी की जानकारी ही नहीं थी।
साजिश और भड़काने के आरोप
पुलिस का कहना है कि कुछ संगठित समूह सोशल मीडिया के जरिए मजदूरों को भड़का रहे थे। फर्जी अकाउंट और व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए अफवाहें फैलाकर माहौल खराब करने की कोशिश की गई। इस मामले में जांच जारी है और फंडिंग स्रोतों की भी पड़ताल की जा रही है।
फिलहाल स्थिति नियंत्रण में
पुलिस के मुताबिक अब हालात सामान्य हैं, लेकिन एहतियात के तौर पर पूरे Noida में हाई अलर्ट जारी है। लगातार पेट्रोलिंग की जा रही है और अधिकारियों का कहना है कि किसी भी तरह की अराजकता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रशासन ने श्रमिकों से शांति बनाए रखने और संवाद के जरिए समस्याओं के समाधान की अपील की है।