Noor Ahmad Five Wicket Haul : अफगानिस्तान के युवा स्पिनर नूर अहमद ने जिम्बाब्वे के खिलाफ तीसरे टी20 मुकाबले में ऐसा प्रदर्शन किया, जिसने सबका ध्यान खींच लिया। शारजाह में 1 नवंबर को खेले गए सीरीज के आखिरी मैच में नूर ने सिर्फ 13 रन देकर पांच विकेट झटक लिए। टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में यह पहली बार है, जब उन्होंने एक मैच में पांच विकेट लेने का कारनामा किया है। उनकी शानदार गेंदबाजी के दम पर जिम्बाब्वे की पूरी टीम 14.3 ओवर में सिर्फ 79 रन बनाकर सिमट गई। इसके बाद अफगानिस्तान ने आसानी से लक्ष्य हासिल कर लिया।
3.3 ओवर में पांच बल्लेबाजों को भेजा पवेलियन
जिम्बाब्वे ने पहले बल्लेबाजी करते हुए अफगानिस्तान के सामने 80 रनों का लक्ष्य रखा था। नूर अहमद ने 3.3 ओवर गेंदबाजी की और महज 13 रन देकर पांच विकेट हासिल किए। उनकी फिरकी के सामने जिम्बाब्वे के बल्लेबाज टिक नहीं सके। पूरी टीम 79 रन पर ऑलआउट हो गई। जवाब में अफगानिस्तान ने 8.1 ओवर में तीन विकेट खोकर 80 रन बना लिए और मुकाबला अपने नाम कर लिया। इस जीत के साथ अफगानिस्तान ने तीन मैचों की टी20 सीरीज में जिम्बाब्वे का 3-0 से सफाया कर दिया।
10वीं कक्षा में स्कूल के टॉपर थे नूर
नूर अहमद की कहानी सिर्फ क्रिकेट के मैदान तक सीमित नहीं है। वह पढ़ाई में भी काफी होशियार थे। 10वीं कक्षा में वह अपने स्कूल के टॉपर रहे थे। पढ़ाई में अच्छे होने की वजह से उनके पिता मोहम्मद आमिर नहीं चाहते थे कि बेटा पढ़ाई छोड़कर क्रिकेट में अपना करियर बनाए। उन्हें डर था कि क्रिकेट में नूर ऊंचे स्तर तक पहुंच पाएंगे या नहीं। इसी वजह से पिता शुरुआत में उन्हें पेशेवर क्रिकेट खेलने की इजाजत देने से बचते थे।
पिता को क्रिकेट खेलने के लिए मनाना पड़ा
नूर अहमद ने ईएसपीएन को दिए एक इंटरव्यू में बताया था कि उनके क्रिकेट खेलने के फैसले से परिवार के लोग भी पूरी तरह सहमत नहीं थे। स्कूल के शिक्षक और यहां तक कि प्रिंसिपल भी उनके पिता से कहते थे कि नूर पढ़ाई में बहुत अच्छे हैं, इसलिए उन्हें क्रिकेट में भेजने के बजाय स्कूल में ही पढ़ने देना चाहिए। हालांकि, नूर का मन क्रिकेट में लग चुका था और वह इसी खेल में अपना भविष्य बनाना चाहते थे। ऐसे में परिवार को मनाना उनके लिए बड़ी चुनौती बन गया था।
भाई ने क्रिकेटर बनने में निभाई अहम भूमिका
नूर अहमद को क्रिकेटर बनाने में उनके भाई का बड़ा योगदान रहा। परिवार और स्कूल की तरफ से पढ़ाई जारी रखने का दबाव था, लेकिन उनके भाई ने पिता को मनाने में मदद की। नूर के मुताबिक, क्रिकेट में करियर बनाने का रास्ता तैयार करने का श्रेय उनके भाई को जाता है। आखिरकार पिता भी मान गए और नूर को क्रिकेट खेलने की अनुमति मिल गई। आज उनके पिता बेटे के मुकाबले देखने में खास दिलचस्पी रखते हैं और उसका कोई मैच मिस नहीं करना चाहते।
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सीरीज में क्लीन स्वीप से अफगानिस्तान का दबदबा
नूर अहमद के पांच विकेट ने जिम्बाब्वे के खिलाफ आखिरी मुकाबले को एकतरफा बना दिया। अफगानिस्तान ने पहले गेंदबाजी में कमाल दिखाया और फिर लक्ष्य का पीछा करते हुए सिर्फ 8.1 ओवर में जीत हासिल कर ली। तीन मैचों की पूरी सीरीज में अफगानिस्तान ने जिम्बाब्वे को एक भी मुकाबला जीतने का मौका नहीं दिया। नूर के लिए यह प्रदर्शन इसलिए भी खास रहा, क्योंकि उन्होंने पहली बार टी20 इंटरनेशनल में पांच विकेट लेने का रिकॉर्ड बनाया।