उत्तर भारत में मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है। हालिया बारिश के बाद शनिवार से कड़ाके की ठंड की वापसी तय मानी जा रही है। आसमान साफ होते ही रात के तापमान में तेज गिरावट होगी, जिससे मैदानी इलाकों में ठिठुरन बढ़ेगी। वहीं, पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी से सर्द हवाओं का असर और तेज़ हो सकता है। आने वाला वीकेंड ठंड के लिहाज़ से चुनौतीपूर्ण रहने वाला है।
बारिश के बाद बदलेगा मिज़ाज, ठंड देगी दस्तक
बीते दिनों हुई बारिश ने भले ही प्रदूषण और धूल से कुछ राहत दी हो, लेकिन अब इसका असर ठंड के रूप में सामने आने वाला है। मौसम के साफ होते ही बादलों की “ढाल” हट जाएगी, जिससे रात में ज़मीन से गर्मी तेजी से निकल पाएगी। यही वजह है कि शनिवार से उत्तर भारत के बड़े हिस्से में ठंड अचानक तेज महसूस होगी और सुबह-शाम कंपकंपी बढ़ेगी।
मैदानी इलाकों में गिरेगा तापमान, सर्द रातों की वापसी
दिल्ली सहित उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान में तीन से पांच डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट संभव है। कुछ इलाकों में रात का पारा छह से आठ डिग्री के आसपास पहुंच सकता है। दिन में धूप खिलने की संभावना है, लेकिन सुबह और देर रात ठंड का असर ज्यादा रहेगा, जिससे बुज़ुर्गों और बच्चों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होगी।
पहाड़ों पर बर्फबारी, ठंडी हवाओं का असर मैदानों तक
पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में बर्फबारी का सिलसिला तेज हो सकता है। ऊंचाई वाले इलाकों में ताज़ी बर्फ पड़ने से तापमान और नीचे जाएगा, जिसका असर मैदानी क्षेत्रों तक ठंडी हवाओं के रूप में पहुंचेगा। पहाड़ों से आने वाली सर्द हवाएं उत्तर भारत के मौसम को और सख्त बना सकती हैं।
सुबह कोहरा बढ़ाएगा परेशानी
तापमान में गिरावट के साथ-साथ सुबह के समय हल्के से मध्यम कोहरे की संभावना भी जताई जा रही है। खासकर हाईवे और खुले इलाकों में दृश्यता कम हो सकती है। ऐसे में सुबह जल्दी यात्रा करने वालों को सतर्क रहने, वाहन धीमी गति से चलाने और समय का अतिरिक्त प्रबंधन करने की सलाह दी जाती है।
आगे भी जारी रह सकता है उतार-चढ़ाव
यह ठंड स्थायी राहत नहीं लाएगी, क्योंकि आने वाले दिनों में मौसम फिर से सक्रिय हो सकता है। 26 से 28 जनवरी के बीच एक और मौसमी सिस्टम उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित कर सकता है, जिससे पहाड़ी क्षेत्रों में दोबारा बारिश या बर्फबारी की संभावना है। वहीं, मध्य भारत में भी अगले दो दिनों में तापमान दो से तीन डिग्री तक धीरे-धीरे गिर सकता है।