दुनिया के सबसे रहस्यमयी और सख्त शासन वाले देश नॉर्थ कोरिया में सत्ता का खेल एक बार फिर सुर्खियों में है। तानाशाह शासक Kim Jong Un की उत्तराधिकारी को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। एक ओर उनकी 13 साल की बेटी Kim Ju Ae को अगला सुप्रीम लीडर बनाए जाने की चर्चा है, तो दूसरी ओर ताकतवर बुआ Kim Yo Jong भी सत्ता की मजबूत दावेदार मानी जा रही हैं।
उत्तराधिकारी की रेस में 13 साल की जू ऐ आगे?
सूत्रों के मुताबिक, किम जोंग उन अपनी बेटी किम जू ऐ को धीरे-धीरे सार्वजनिक मंचों पर आगे ला रहे हैं। वह बीते कुछ वर्षों में मिसाइल परीक्षण, सैन्य परेड और बड़े सरकारी आयोजनों में अपने पिता के साथ नजर आई हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इतनी कम उम्र में उन्हें इस तरह प्रस्तुत करना भविष्य के उत्तराधिकार का संकेत हो सकता है। आने वाली बड़ी राजनीतिक बैठकों में उनकी मौजूदगी पर खास नजर रखी जा रही है।
सत्ता की असली रणनीतिकार: किम यो जोंग
38 वर्षीय किम यो जोंग को देश की दूसरी सबसे प्रभावशाली शख्सियत माना जाता है। पार्टी और सेना दोनों में उनकी पकड़ मजबूत है। वे तीखे बयानों और आक्रामक कूटनीति के लिए जानी जाती हैं। कई बार उन्होंने दक्षिण कोरिया और पश्चिमी देशों को खुली चेतावनी दी है। जानकारों का मानना है कि अगर उन्हें सत्ता का मौका दिखता है, तो वे पीछे हटने वाली नहीं हैं।
खूनी इतिहास, सत्ता की बेरहम परंपरा
किम परिवार का इतिहास सत्ता संघर्ष और निर्ममता से भरा रहा है। 2011 में सत्ता संभालने के बाद किम जोंग उन ने अपने चाचा जांग सोंग थाएक को देशद्रोह के आरोप में फांसी दिलवा दी थी। वहीं उनके सौतेले भाई Kim Jong Nam की 2017 में संदिग्ध परिस्थितियों में हत्या हो गई थी। यह घटनाएं बताती हैं कि सत्ता की कुर्सी यहां कितनी खतरनाक साबित हो सकती है।
परमाणु ताकत और अंदरूनी अस्थिरता
नॉर्थ कोरिया को दुनिया के प्रमुख परमाणु शक्ति संपन्न देशों में गिना जाता है। अनुमान है कि उसके पास दर्जनों परमाणु हथियार मौजूद हैं और वह लगातार बैलिस्टिक मिसाइल परीक्षण कर रहा है। ऐसे में यदि परिवार के भीतर सत्ता संघर्ष बढ़ता है, तो इसका असर क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा पर भी पड़ सकता है।
क्या आने वाला है निर्णायक मोड़?
विशेषज्ञ मानते हैं कि फिलहाल अंतिम फैसला पूरी तरह किम जोंग उन के हाथ में है। लेकिन इतिहास गवाह है कि नॉर्थ कोरिया में सत्ता का हस्तांतरण कभी आसान नहीं रहा। अगर बुआ और भतीजी के बीच महत्वाकांक्षा टकराई, तो यह टकराव सिर्फ परिवार तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरी दुनिया की नजरें प्योंगयांग पर टिक जाएंगी।