SC-ST नहीं हैं तो भी मिलेगा फायदा : देश में अक्सर यह माना जाता है कि सरकारी स्कॉलरशिप का लाभ केवल SC, ST या OBC वर्ग के छात्रों को ही मिलता है। लेकिन ऐसा पूरी तरह सही नहीं है। केंद्र और राज्य सरकारें आर्थिक रूप से कमजोर सामान्य वर्ग यानी जनरल कैटेगरी के छात्रों के लिए भी कई तरह की छात्रवृत्ति योजनाएं चला रही हैं। इन योजनाओं का उद्देश्य मेधावी और जरूरतमंद छात्रों को आर्थिक सहायता देकर उनकी पढ़ाई जारी रखने में मदद करना है.
आर्थिक स्थिति के आधार पर मिलता है लाभ
सरकारी स्कॉलरशिप योजनाओं में अब केवल जाति ही नहीं बल्कि परिवार की आय को भी महत्व दिया जा रहा है. आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग यानी EWS श्रेणी के छात्रों को कई योजनाओं में विशेष लाभ मिलता है। जिन परिवारों की वार्षिक आय तय सीमा से कम होती है, वे इन छात्रवृत्तियों के लिए आवेदन कर सकते हैं. विशेषज्ञों के अनुसार आज कई ऐसे छात्र हैं जो जानकारी के अभाव में इन योजनाओं का फायदा नहीं उठा पाते। जबकि सरकार द्वारा स्कूल से लेकर उच्च शिक्षा तक अलग-अलग स्तर पर सहायता दी जा रही है.
नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल बना बड़ा सहारा
छात्रों के लिए केंद्र सरकार ने नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल शुरू किया है। इस पोर्टल पर अलग-अलग मंत्रालयों की स्कॉलरशिप योजनाओं की जानकारी उपलब्ध रहती है। छात्र अपनी योग्यता और आय के अनुसार आवेदन कर सकते हैं. इस पोर्टल पर प्री-मैट्रिक, पोस्ट-मैट्रिक, मेरिट बेस्ड और तकनीकी शिक्षा से जुड़ी कई योजनाएं शामिल हैं। आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन होने के कारण छात्रों को ज्यादा परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता.
मेरिट के आधार पर भी मिलती है स्कॉलरशिप
कई सरकारी योजनाओं में छात्रों के अच्छे अंक सबसे बड़ा आधार होते हैं। यदि किसी छात्र ने बोर्ड परीक्षा या प्रतियोगी परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन किया है तो उसे मेरिट स्कॉलरशिप मिल सकती है। इसमें जाति की बाध्यता नहीं होती. केंद्र सरकार की कुछ योजनाओं में 80 प्रतिशत या उससे अधिक अंक लाने वाले छात्रों को हर साल आर्थिक सहायता दी जाती है। इसका उद्देश्य प्रतिभाशाली छात्रों को आगे की पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित करना है.
राज्य सरकारें भी चला रही हैं योजनाएं
केंद्र के अलावा कई राज्य सरकारें भी सामान्य वर्ग के छात्रों के लिए छात्रवृत्ति योजनाएं चला रही हैं। इनमें फीस सहायता, लैपटॉप योजना, छात्रावास सुविधा और परीक्षा शुल्क में छूट जैसी सुविधाएं शामिल हैं. उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों में आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के लिए अलग-अलग योजनाएं लागू हैं। छात्रों को समय-समय पर सरकारी वेबसाइट और स्कूल-कॉलेज से जानकारी लेते रहना चाहिए.
आवेदन से पहले जरूरी दस्तावेज तैयार रखें
स्कॉलरशिप के लिए आवेदन करते समय आधार कार्ड, आय प्रमाण पत्र, बैंक खाता, मार्कशीट और निवास प्रमाण पत्र जैसे दस्तावेज जरूरी होते हैं। कई बार दस्तावेज अधूरे होने के कारण आवेदन रद्द हो जाता है। इसलिए आवेदन से पहले सभी जरूरी कागजात तैयार रखना बेहद जरूरी है. विशेषज्ञों का कहना है कि सही जानकारी और समय पर आवेदन करने से सामान्य वर्ग के हजारों छात्र भी सरकारी सहायता का लाभ उठा सकते हैं और आर्थिक परेशानी के बिना अपनी पढ़ाई पूरी कर सकते हैं.