
हिंदू पंचांग के अनुसार नवंबर 2025 का महीना धार्मिक दृष्टि से बेहद खास रहेगा। यह महीना न केवल शरद ऋतु की सुंदरता से भरा होगा, बल्कि इसमें कई महत्वपूर्ण व्रत और त्योहार भी मनाए जाएंगे जो श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा से जीवन को भर देंगे। इस माह की शुरुआत कार्तिक मास के पवित्र दिनों से होगी, जो पूरे वर्ष में सबसे पुण्यकारी माने जाते हैं।
तुलसी विवाह — 3 नवंबर 2025 (सोमवार)
देवउठनी एकादशी के अगले दिन तुलसी विवाह मनाया जाता है। इस दिन भगवान विष्णु के शालिग्राम स्वरूप का विवाह तुलसी माता से कराया जाता है। यह पर्व विवाह योग्य कन्याओं और दांपत्य जीवन में सुख चाहने वालों के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।
कार्तिक पूर्णिमा और देव दिवाली — 14 नवंबर 2025 (शुक्रवार)
कार्तिक मास की पूर्णिमा तिथि को देव दिवाली के रूप में मनाया जाता है। मान्यता है कि इसी दिन देवता स्वयं स्वर्गलोक में दीप जलाकर भगवान शिव की आराधना करते हैं। इस अवसर पर गंगा किनारे विशेष दीपोत्सव आयोजित किया जाता है। वाराणसी, हरिद्वार और प्रयागराज जैसे तीर्थों में यह पर्व विशेष भव्यता से मनाया जाता है।
अन्य प्रमुख व्रत और पर्व
इस माह में प्रदोष व्रत, संकष्टी चतुर्थी, मासिक शिवरात्रि और एकादशी जैसे अन्य व्रत भी पड़ेंगे, जो आध्यात्मिक साधना के लिए उत्तम माने गए हैं। कुल मिलाकर नवंबर 2025 आस्था, प्रकाश और सकारात्मक ऊर्जा से भरा महीना रहेगा। इस दौरान व्रत-त्योहार न केवल धर्म और परंपरा का संदेश देंगे, बल्कि मनुष्य के जीवन में शांति, अनुशासन और भक्ति का संचार भी करेंगे। नोट: सभी जानकारी अन्य धार्मिक आर्टिकल व ज्योतिषशास्त्र के अनुसार हैं..कृपया सटीक जानकारी के लिए अपने धर्म गुरू या पंडित से भी पूछा जा सकता है.. किसी भी गलत डेट या अन्य किसी बात के लिए लोकसत्य जिम्मेदार नहीं है..