जापानी मियांजाकी आम अब घर पर उगाएं : बिहार के पूर्णिया जिले में एक नर्सरी इन दिनों खास चर्चा में है। यहां दुनिया के सबसे महंगे आमों में गिने जाने वाले जापानी मियांजाकी आम के पौधे सफलतापूर्वक तैयार किए जा रहे हैं। खास बात यह है कि इन पौधों को बड़े बागानों में नहीं, बल्कि 60 किलो क्षमता वाले ड्रमों में उगाया गया है। नर्सरी में वर्तमान में ऐसे आठ पौधे लगे हुए हैं, जो लोगों के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं.
ड्रम में भी हो रही सफल खेती
आमतौर पर आम के पेड़ों को खुली जमीन में लगाया जाता है, लेकिन नर्सरी संचालकों ने सीमित जगह में खेती का अनूठा प्रयोग किया है। बड़े ड्रमों में विशेष मिट्टी, जैविक खाद और उचित जल निकासी की व्यवस्था करके मियांजाकी आम के पौधों को तैयार किया गया है। इससे उन लोगों को भी प्रेरणा मिल रही है, जिनके पास बगीचे के लिए पर्याप्त जमीन उपलब्ध नहीं है। विशेषज्ञों का कहना है कि सही देखभाल और पोषण मिलने पर कंटेनर में भी फलदार पौधों की अच्छी पैदावार संभव है.
सुरक्षा के लिए रखे गए पहरेदार
मियांजाकी आम की ऊंची कीमत और बढ़ती लोकप्रियता को देखते हुए नर्सरी में विशेष सुरक्षा व्यवस्था की गई है। पौधों की निगरानी के लिए पहरेदार तैनात किए गए हैं, ताकि किसी प्रकार की चोरी या नुकसान की आशंका न रहे। नर्सरी संचालकों का कहना है कि दुर्लभ प्रजाति होने के कारण इन पौधों की सुरक्षा बेहद जरूरी है। कई लोग इन्हें देखने और इनके बारे में जानकारी लेने के लिए दूर-दूर से पहुंच रहे हैं।
क्या है मियांजाकी आम की खासियत?
मियांजाकी आम जापान की एक प्रसिद्ध प्रजाति है, जो अपने चमकीले लाल रंग, मिठास और उच्च गुणवत्ता के लिए जानी जाती है। यह आम सामान्य किस्मों की तुलना में अधिक पौष्टिक माना जाता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी मांग काफी अधिक रहती है। इसकी खेती के लिए तापमान, नमी और पोषण का विशेष ध्यान रखना पड़ता है.
घर पर भी उगा सकते हैं यह खास आम
विशेषज्ञों के अनुसार यदि पर्याप्त धूप, अच्छी मिट्टी और नियमित देखभाल उपलब्ध हो तो मियांजाकी आम को घर की छत, आंगन या बड़े कंटेनरों में भी उगाया जा सकता है। कंटेनर खेती की यह तकनीक शहरी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए भी उपयोगी साबित हो सकती है। पूर्णिया की यह पहल दर्शाती है कि आधुनिक तकनीक और सही प्रबंधन के जरिए दुर्लभ फलों की खेती को आम लोगों तक पहुंचाया जा सकता है.
बढ़ रही लोगों की रुचि
मियांजाकी आम की खेती को लेकर किसानों और बागवानी प्रेमियों में उत्साह बढ़ रहा है। नर्सरी में पहुंचने वाले लोग पौधों की जानकारी लेने के साथ-साथ इन्हें खरीदने में भी रुचि दिखा रहे हैं। इससे भविष्य में इस विशेष किस्म की खेती का दायरा और बढ़ने की उम्मीद है.