No detention policy: सरकार ने वर्ष 2025 की शुरूआत में ही No detention policy की रूप-रेखा तैयार कर ली थी. साथ ही इसके लिए विभाग को निर्देशित भी कर दिया था. अब इसकी समीक्षा की जा रही है. जी हां अब बच्चों को कक्षा पांच व आठ में भी फेल होना पड़ेगा. अभी तक छोटी क्लासेज में बच्चों को फेल नहीं किया जाता है. लेकिन नए साल के नियम को अब पूरे देश में लागू करने के लिए जोर दिया जा रहा है. जिससे बच्चों को पढाई के लिए ज्यादा मेहनत करने की जरूरत होगी...
क्या है प्रावधान
दरअसल, अभी तक बच्चों को पांचवी व आठवी कक्षा में फेल न करने का प्रावधान है. साल 2010-11 से 8वीं कक्षा तक परीक्षा में फेल होने के प्रावधान पर रोक लगा दी गई थी. हालांकि उससे पहले भी 8वीं क्लास में बच्चों को फेल कर दिया जाता था. लेकिन अब अपने से अगली कक्षा में प्रमोट करने की पॅालिसी खत्म कर दी गई है. इसके पीछे सरकार का उद्देश्य बच्चों का बेस मजबूत करना है. ताकि हाई स्कूल तक पहुंचते हुए बच्चा पूरी तरह से पारंगत हो जाए.
दिया जाएगा खास ध्यान
केंद्र सरकार के शिक्षा मंत्रालय ने इसके संबंध में नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया है. अधिसूचना में कहा गया है कि अगर स्टूडेंट परीक्षा में फेल होता है तो उसे 2 महीने के अंदर दोबारा परीक्षा में बैठने का मौका मिलेगा. यही नहीं ऐसे बच्चों पर टीचर्स ज्यादा ध्यान देंगे. ताकि वह बच्चा अपने से ही 2 माह बाद होने वाली परीक्षा में पास हो जाए.
क्या थी नो डिटेंशन पॉलिसी?
आपको बता दें कि नो डिटेंशन पॉलिसी शिक्षा के अधिकार अधिनियम 2009 की एक अहम नीति थी. इस नीति के तहत कक्षा पांच और आठ के बच्चों को वार्षिक परीक्षा में फेल नहीं किया जाता था. सीधे अपने से ही बच्चों को प्रमोट कर दिया जाता था. सभी छात्र पारंपरिक परीक्षाओं का सामना किए बिना अपने आप अगली कक्षा में प्रमोट हो जाते थे. जिसे अब पूरी तरह खत्म कर दिया गया है. नए नियमों को भी लागू कर दिया गया है.