झीलों के लिए पहचाने जाने वाले भोपाल की पहचान अब नई खूशबू से जुड़ने जा रही है। शहर जल्द ही “रोज सिटी” के नाम से जाना जाएगा, क्योंकि यहां 2028 में वर्ल्ड रोज फेडरेशन कन्वेंशन आयोजित होने जा रहा है। इस आयोजन से पहले न केवल राजधानी भोपाल बल्कि पूरे मध्य प्रदेश में 30 हजार से अधिक गुलाब के पौधे लगाए जाएंगे। शहर के प्रमुख गार्डन में गुलाबों की 40 से अधिक प्रजातियां खिलेंगी, जो टूरिस्टों के अनुभव को और भी यादगार बना देंगी। यह पहल एमपी टूरिज्म को नई पहचान देने वाली है। गुलाबों की इस खुशबू से जहां पर्यावरण संवरता नजर आएगा, वहीं टूरिज्म भी नई ऊंचाइयों को छुएगा।
तीन बड़े गार्डनों में लगेंगे 6 हजार गुलाब
भोपाल के तीन प्रमुख स्थलों—विधानसभा परिसर, भेल का नेहरू उद्यान और मिंटो हॉल परिसर में अत्याधुनिक रोज गार्डन विकसित किए जा रहे हैं। यहां करीब 6 हजार गुलाब के पौधे रोपे जाएंगे। हर गार्डन में 35 से 40 प्रजातियों के गुलाब मौजूद रहेंगे।
2028 में होगा विश्वस्तरीय आयोजन
भोपाल में 7 से 13 जनवरी 2028 तक 21वां World Rose Federation Convention आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम में 40 देशों से करीब 500 प्रतिनिधि भाग लेंगे। इससे पहले शहर में मॉडल रोज गार्डन भी बनाया जाएगा, जहां कैफेटेरिया, ऑडियो-विजुअल लाइब्रेरी और कार्यशालाओं की सुविधा मिलेगी।
भारत को मिली बड़ी अंतरराष्ट्रीय जिम्मेदारी
जापान के फुकुयामा शहर में इस महीने आयोजित हो रहे 20वें रोज कन्वेंशन में भारत को 2028 की मेजबानी का ध्वज सौंपा जाएगा। साथ ही भोपाल के उद्योगपति सुशील प्रकाश को World Rose Federation का अध्यक्ष चुना गया है। यह पहली बार है जब किसी भारतीय को इस संस्था की कमान मिली है।
हर 3 साल में होता है रोज कन्वेंशन
वर्ल्ड रोज फेडरेशन हर तीन वर्ष में यह भव्य आयोजन करता है, जिसमें दुनियाभर के गुलाब प्रेमी, विशेषज्ञ और वैज्ञानिक शामिल होते हैं। इसका मकसद गुलाब की विविध प्रजातियों का संरक्षण, प्रचार और शोध को बढ़ावा देना होता है।