मध्यप्रदेश के मंत्री विजय शाह ने सेना की महिला अफसर को लेकर दिए विवादित बयान पर इस्तीफे की अटकलों को विराम नहीं दिया है। उन्होंने कहा कि वे इस्तीफे पर कोई फैसला केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से बात करने के बाद ही लेंगे। मानपुर थाने में उनके खिलाफ गैरजमानती धाराओं में केस दर्ज हुआ है। भाजपा के भीतर भी नाराज़गी है लेकिन अभी तक पार्टी ने कोई सख्त कदम नहीं उठाया है। मंत्री शाह देर रात हरसूद पहुंचे और समर्थकों से मुलाक़ात की। इस बीच गुरुवार को कोर्ट में इस प्रकरण की सुनवाई होगी।
भाजपा के भीतर भी नाराजगी
मंत्री विजय शाह का नाम विवादों में आने के बाद न सिर्फ विपक्ष हमलावर है, बल्कि भाजपा के भीतर भी असंतोष की लहर है। पार्टी के कई नेता शाह के बयान से असहज हैं, लेकिन अभी तक न तो भाजपा ने इस्तीफा मांगा और न ही मंत्री ने स्वयं पद छोड़ने की पेशकश की। ऐसे में स्थिति लगातार उलझती जा रही है।
हरसूद में समर्थकों से की मुलाक़ात
बुधवार देर रात मंत्री शाह भोपाल से अपने विधानसभा क्षेत्र हरसूद पहुंचे। गेस्ट हाउस में रात गुजारने के बाद उन्होंने सुबह समर्थकों से बातचीत की। समर्थकों ने उन्हें मानपुर थाने में प्रकरण दर्ज होने की जानकारी दी, जिस पर शाह ने कहा कि वे अमित शाह से चर्चा के बाद ही कोई निर्णय लेंगे।
गैरजमानती धाराओं में केस
मानपुर पुलिस ने मंत्री के खिलाफ धारा 153A, 505(2) और अन्य गंभीर धाराओं में प्रकरण दर्ज किया है, जो गैरजमानती हैं। इन धाराओं में सात साल तक की सजा का प्रावधान है। रिपोर्ट में कोर्ट की टिप्पणी का भी उल्लेख किया गया है। एफआईआर का ड्राफ्ट भोपाल से भेजा गया था, जिससे रिपोर्ट दर्ज करने में देरी हुई।
माफीनामा और वीडियो बयान
प्रकरण दर्ज होने से पहले विजय शाह ने एक वीडियो जारी कर माफी मांगी थी। अब उनका लिखित माफीनामा कोर्ट में पेश किया जाएगा। हालांकि, पुलिस और न्यायालय की प्रक्रिया अपनी गति से चल रही है।
गुरुवार को कोर्ट में सुनवाई
इस मामले की अगली सुनवाई गुरुवार को कोर्ट में होगी। पुलिस न्यायालय को प्रकरण दर्ज होने की पूरी जानकारी सौंपेगी। वहीं, मंत्री शाह की अगली राजनीतिक स्थिति इस सुनवाई और भाजपा के निर्णय पर निर्भर करेगी।