मध्यप्रदेश के पन्ना जिले का हीरा अब सिर्फ खदानों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि उसकी चमक अब पन्ना में ही तराशी जाएगी। मोहन सरकार ने पन्ना डायमंड पार्क की स्थापना को मंजूरी दे दी है, जिसके लिए 12 करोड़ 64 लाख रुपए का बजट भी पास किया गया है। अब तक पन्ना के हीरे को तराशने के लिए गुजरात भेजा जाता था, जिससे स्थानीय खनिकों को पूरा लाभ नहीं मिल पाता था। लेकिन अब यह हीरा पन्ना में ही प्रोसेस और कट होगा। इससे न सिर्फ स्थानीय रोजगार बढ़ेगा, बल्कि बुंदेलखंड के इस क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियां भी तेज होंगी। पन्ना की पहचान अब सिर्फ खदान नहीं, हीरा उद्योग के केंद्र के रूप में होगी।
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हीरा अब नहीं जाएगा गुजरात
पन्ना का हीरा अब सूरत या अन्य शहरों में नहीं भेजा जाएगा। यहां निकाले गए हीरे अब स्थानीय डायमंड पार्क में तराशे जाएंगे, जिससे हीरे की गुणवत्ता, व्यापार और कीमत तीनों पर सकारात्मक असर पड़ेगा।
जनकपुर में बनेगा अत्याधुनिक डायमंड पार्क
डायमंड पार्क के लिए जनकपुर गांव में 10 हेक्टेयर भूमि चिन्हित कर दी गई है। यहां सड़क, बिजली और पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं विकसित की जाएंगी। पन्ना कलेक्टर सुरेश कुमार के अनुसार, जल्द ही हीरा व्यवसायियों को यहां जमीन आवंटित की जाएगी।
हीरा उद्योग को मिलेगा औद्योगिक रूप
पन्ना में हीरा केवल खदानों से निकलने वाला कच्चा पत्थर नहीं रहेगा, बल्कि यह एक संपूर्ण इंडस्ट्री के रूप में विकसित होगा। इससे न केवल स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि पन्ना को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मानचित्र पर एक नई पहचान भी मिलेगी।
सरकार की पहल से खुलेगा रोजगार का रास्ता
डायमंड पार्क के निर्माण से युवाओं को स्थानीय स्तर पर प्रशिक्षण और रोजगार मिल सकेगा। यह बुंदेलखंड जैसे पिछड़े इलाके के लिए एक आर्थिक क्रांति जैसा कदम साबित हो सकता है।