विदेश घूमने का शौक है लेकिन वीजा, पासपोर्ट और महंगी फ्लाइट्स की वजह से पीछे हट जाते हैं? तो अब आपको चिंता करने की जरूरत नहीं, क्योंकि ‘Turkey’ का सफर आप सिर्फ 30 रुपए में कर सकते हैं—वो भी ट्रेन से! चौंक गए ना? दरअसल, यह कोई विदेश नहीं बल्कि मध्य प्रदेश का एक देसी रेलवे स्टेशन है, जिसका नाम है तुर्की। तुर्की ही नहीं, एमपी में ऐसे कई स्टेशन हैं जिनके नाम सुनकर आप हैरान रह जाएंगे। कहीं नाम है 'फंदा', तो कहीं ‘करैला’, ‘चांदनी’ और ‘शनीचरा’। इन अनोखे नामों के पीछे कई रोचक कहानियां भी छिपी हैं। इन देसी स्टेशनों पर पहुंचना जितना आसान है, इनके नाम उतने ही दिलचस्प हैं। तो आइए, इन मजेदार नामों वाले स्टेशनों की सैर पर निकलते हैं—बिना वीजा, बिना पासपोर्ट और सिर्फ लोकल ट्रेन के टिकट के साथ!
देसी तुर्की का विदेश जैसा नाम
मध्य प्रदेश के सतना-जबलपुर रेल मार्ग पर स्थित तुर्की स्टेशन, नाम से भले ही विदेश लगे, लेकिन ये स्टेशन पूरी तरह देसी है। सिर्फ 30 रुपए में यहां की यात्रा की जा सकती है।
चांदनी स्टेशन की शुद्ध देसी रोशनी
बुरहानपुर के चांदनी स्टेशन का नाम सुनते ही रोमांटिक अहसास होता है, लेकिन यह पूरी तरह एक लोकल और व्यस्त स्टेशन है।
फंदा नाम सुनकर मुस्कुरा उठते हैं लोग
भोपाल के पास स्थित फंदा स्टेशन का नाम सुनकर हर मुसाफिर के चेहरे पर मुस्कान आना तय है। यह स्टेशन रोजाना कई लोकल ट्रेनों का पड़ाव है।
करैला स्टेशन – नाम कड़वा, सफर मीठा
सिंगरौली का करैला स्टेशन अपने अनोखे नाम की वजह से ध्यान खींचता है। यह स्टेशन गांवों को शहरों से जोड़ने का अहम जरिया है।
शनीचरा – आस्था और यात्रा का संगम
भिंड जिले में स्थित शनीचरा स्टेशन सिर्फ एक ठहराव नहीं, श्रद्धालुओं के लिए विशेष आस्था का केंद्र भी बन गया है।