पेंशन निधि नियामक और विकास प्राधिकरण ने प्राइवेट सेक्टर कर्मचारियों के लिए NPS में बड़ा बदलाव किया है। नए नियम के तहत अब नॉन गवर्नमेंट कर्मचारी रिटायरमेंट के समय अपने कुल NPS कॉर्पस का 80 प्रतिशत तक पैसा एकमुश्त निकाल सकते हैं। बाकी 20 प्रतिशत से एन्युटी खरीदनी होगी, जिससे हर महीने पेंशन मिलेगी। पहले यह नियम 60 प्रतिशत एकमुश्त और 40 प्रतिशत एन्युटी का था। इस बदलाव से रिटायरमेंट पर हाथ में मिलने वाली रकम तो बढ़ेगी, लेकिन हर महीने मिलने वाली पेंशन पहले से कम हो जाएगी।
5000 रुपये निवेश का पूरा हिसाब
मान लीजिए कोई प्राइवेट सेक्टर कर्मचारी 30 साल की उम्र में हर महीने 5000 रुपये NPS में निवेश शुरू करता है। सालाना निवेश 60 हजार रुपये होगा। अगर औसतन 10 प्रतिशत सालाना रिटर्न माना जाए और रिटायरमेंट उम्र 60 साल रखी जाए, तो 30 साल में कुल कॉर्पस करीब 1.15 करोड़ रुपये बन सकता है। नए नियम के मुताबिक इसमें से 80 प्रतिशत यानी लगभग 92 लाख रुपये कर्मचारी रिटायरमेंट पर एकमुश्त निकाल सकता है। वहीं बाकी 20 प्रतिशत यानी करीब 23 लाख रुपये की एन्युटी खरीदनी होगी।
ये भी पढ़ें : Home Loan सस्ता लेकिन सपनों का घर दूर, Delhi NCR में क्यों कमजोर पड़ रही आम खरीदार की ताकत
पेंशन कितनी बनेगी रिटायरमेंट के बाद
अब अगर 23 लाख रुपये की एन्युटी पर औसतन 6 प्रतिशत सालाना रिटर्न माना जाए, तो रिटायरमेंट के बाद हर महीने करीब 11 हजार से 12 हजार रुपये की पेंशन मिल सकती है। यानी नए नियम में आपको एक साथ बड़ी रकम तो मिल जाएगी, लेकिन पेंशन का अमाउंट सीमित रहेगा। पहले 40 प्रतिशत एन्युटी अनिवार्य होने की वजह से पेंशन थोड़ी ज्यादा होती थी, लेकिन अब फोकस ज्यादा कैश आउट पर चला गया है। यह नियम उन लोगों के लिए फायदेमंद हो सकता है, जिन्हें रिटायरमेंट के समय बड़ा खर्च करना होता है।
40 साल की उम्र वालों को कितना फायदा
अगर कोई कर्मचारी 40 साल की उम्र में NPS में 5000 रुपये मंथली निवेश शुरू करता है, तो निवेश अवधि 20 साल की होगी। इस दौरान कुल निवेश करीब 12 लाख रुपये रहेगा। औसतन 10 प्रतिशत रिटर्न मानें तो 60 साल की उम्र तक कुल कॉर्पस करीब 48 से 50 लाख रुपये बन सकता है। नए नियम के तहत इसमें से 38 से 40 लाख रुपये एकमुश्त निकाले जा सकते हैं। वहीं 9 से 10 लाख रुपये की एन्युटी खरीदनी होगी। इस एन्युटी से हर महीने लगभग 4500 से 5000 रुपये की पेंशन मिलेगी। साफ है कि नया नियम ज्यादा कैश देता है, लेकिन पेंशन प्लानिंग अब और समझदारी से करनी होगी।