UGC NET Answer Key: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने हाल ही में यूजीसी नेट 2026 की प्रोविजनल आंसर-की जारी की है। जिसके बाद उत्तरों पर आपत्ति दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। प्रति सवाल 200 रुपये फीस रखे जाने पर कई उम्मीदवारों ने नाराजगी जताई थी और इसे काफी महंगा बताया था। छात्रों के इस विरोध के बाद अब एनटीए की तरफ से बयान जारी किया गया है।
एनटीए ने दी सफाई
NTA ने X पर एक पोस्ट में कहा, "आंसर की चैलेंज के 'बहुत महंगे' होने की चिंता पर, उम्मीदवारों के लिए एक छोटी सी सफाई. आंसर की चैलेंज सिस्टम हर छात्र के लिए निष्पक्ष है, न कि सिर्फ उस छात्र के लिए जो चैलेंज करता है." "एक चैलेंज, सभी को फायदमंद होता है। अगर कोई एक उम्मीदवार भी किसी सवाल को चैलेंज करता है, और विषय विशेषज्ञ उस चैलेंज को स्वीकार कर लेते हैं, तो बदली हुई आंसर की परीक्षा देने वाले हर उम्मीदवार पर लागू होती है। "
On the concern being raised that answer key challenges are "too expensive": a quick clarification for candidates.
— National Testing Agency (@NTA_Exams) August 20, 2026
The answer key challenge system is designed to be fair to every student, not just the one who challenges.
1. One challenge, everyone benefits. If even a single…
फालतू आपत्तियों पर लगाम
एजेंसी ने आगे लिखा कि आपत्ति सही होने पर फ़ीस वापस कर दी जाती है। जिस उम्मीदवार की चुनौती सही मानी जाती है, उसे ₹200 प्रति सवाल वापस कर दिए जाते हैं। यह फ़ीस इसलिए रखी गई है ताकि बिना वजह की चुनौतियों से बचा जा सके, न कि सही चुनौतियों से फ़ायदा कमाने के लिए। इसलिए, अगर आपने कोई असली गलती पकड़ी है और उसे उठाया है, और वह सही पाई जाती है, तो न सिर्फ़ आपको फ़ीस वापस मिलेगी, बल्कि किसी भी उम्मीदवार की एक सही चुनौती लाखों दूसरे लोगों के लिए भी रिकॉर्ड को सही कर सकती है।
क्या होता है आंसर की चैलेंज करने का प्रोसेस
आपको बता दें कि जेईई मेन, नीट या यूजीसी नेट जैसी बड़ी परीक्षाओं के बाद एनटीए पहले एक प्रोविजनल आंसर की जारी करता है। यदि किसी छात्र को गलता है कि एनटीए द्वारा दिया गया कोई उत्तर गलत है, तो वह तय समय सीमा के अंदर निर्धारित शुल्क जमा करके प्रमाण के साथ अपनी आपत्ति दर्ज करा सकता है। एक्सपटर्स की जांच के बाद अगर गलती सही पाई जाती है, तो फाइनल आंसर-की जारी की जाती है।