NEET-UG 2026: नीट-यूजी की परीक्षा रविवार 21 जून को दोबारा आयोजित की गई। 3 मई को हुई परीक्षा के पेपर लीक होने के कारण रद्द होने के बाद इस बार नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे। देश के 5440 और विदेश के 14 परीक्षा केंद्रों पर हुई इस परीक्षा में 20 लाख से ज्यादा छात्र शामिल हुए।
कैसा था 21 जून का पेपर
3 मई और 21 जून के नीट री-एग्जाम के प्रश्नपत्र में क्या अंतर रहा, इसे लेकर परीक्षा देकर बाहर निकले छात्रों से मिलीजुली प्रतिक्रिया मिली। ज़्यादातर छात्रों का कहना था कि बायोलॉजी का पेपर आसान था और पूरा पेपर NCERT के सिलेबस से ही आया था। लेकिन फिजिक्स और केमिस्ट्री के पेपर में कुछ मुश्किल सवाल थे।
'3 मई की तुलना में कठिन था पेपर'
कुछ छात्रों के मुताबिक, 3 मई को हुई परीक्षा की तुलना में इस बार का पेपर थोड़ा कठिन था, जिससे उम्मीद जताई जा रही है कि इस बार कट-ऑफ कम रह सकती है। एक कैंडिडेट ने कहा कि पेपर अच्छा था। सारा पेपर NCERT से आया था। वहीं एक छात्र ने कहा कि फिजिक्स थोड़ी मुश्किल आई थी।
कब आएगा नीट यूजी का रिजल्ट
नीट यूजी री-एग्जाम होने के बाद अब लाखों उम्मीदवारों को रिजल्ट का इंतजार है। एनटीए (NTA) के महानिदेशक (DG) अभिषेक सिंह ने बताया कि मेडिकल एंट्रेंस टेस्ट का रिजल्ट जल्द से जल्द घोषित करने की तैयारी की जा रही है। फिलहाल सभी केंद्रों से परीक्षा के बॉक्स मंगवाए जा रहे हैं और सीसीटीवी फुटेज की बारीकी से जांच की जा रही है। जल्द ही रिजल्ट की तारीख का एलान किया जाएगा।
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20 लाख छात्र हुए थे शामिल
आपको बता दें कि 3 मई को आयोजित हई परीक्षा में 22 लाख छात्र शामिल हुए थे, वहीं 21 जून को यह संख्या घटकर 20 लाख से कुछ ज्यादा रह गई। 21 जून की परीक्षा के लिए 21 लाख छात्रों ने एडमिट कार्ड डाउनलोड किया। लेकिन इस बीच कई छात्रों ने इंजीनियरिंग या अन्य कोर्सेज में एडमिशन ले लिया है, जिसकी वजह से उन्होंने दोबारा परीक्षा नहीं दी।
कुछ छात्रों का छुट्टा पेपर
दिल्ली, भोपाल, हैदराबाद और कर्नाटक जैसे राज्यों से कुछ छात्रों के लेट होने के कारण परीक्षा छूटने की खबरें भी आईं। दिल्ली में एक छात्र एक्सीडेंट के बाद प्राथमिक उपचार कराकर देरी से पहुंचा, जिसे नियमों के कारण एंट्री नहीं मिली। तो वहीं हैदराबाद में देरी से एग्जाम सेंटर पहुंचने वाले कुछ छात्रों को जब एंट्री देने से रोका गया तो छात्रों ने सेंटर की दीवार फांदकर अंदर घुसने भी कोशिश की।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
NTA के मुताबिक, परीक्षा को पूरी तरह निष्पक्ष और सुरक्षित बनाने के लिए रिकॉर्ड 37 दिनों के भीतर तैयारियां पूरी की गईं। सुरक्षा के लिए 95,000 से अधिक परीक्षा कमरों में कुल 1,38,560 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए, जिनकी लाइव निगरानी राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर की जा रही थी। इसके अलावा, नकल रोकने के लिए 51,311 जैमर लगाए गए।