अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि पाकिस्तान, उत्तर कोरिया, रूस और चीन जैसे देश गुपचुप तरीके से अंडरग्राउंड न्यूक्लियर टेस्ट कर रहे हैं। ट्रंप ने कहा कि इन परीक्षणों से भूकंप जैसे झटके महसूस किए जा रहे हैं। उनका मानना है कि जब बाकी देश परीक्षण कर रहे हैं, तो अमेरिका को भी अपने परमाणु परीक्षण फिर से शुरू कर देने चाहिए।
पाकिस्तान और उत्तर कोरिया पर ट्रंप का आरोप
ट्रंप ने इंटरव्यू के दौरान कहा कि उत्तर कोरिया और पाकिस्तान लगातार अंडरग्राउंड परमाणु परीक्षण कर रहे हैं। उनके मुताबिक, इन परीक्षणों की वजह से धरती में हल्के झटके महसूस हो रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कई देश ऐसे परीक्षण करते हैं लेकिन उन्हें सार्वजनिक नहीं करते।
रूस और चीन पर भी साधा निशाना
ट्रंप ने कहा कि रूस और चीन ने भी परमाणु हथियारों के परीक्षण शुरू कर दिए हैं, लेकिन वे इसे छिपाकर करते हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका एक खुला समाज है, जहां ऐसी बातों पर चर्चा होती है, जबकि रूस और चीन जैसे देशों में यह जानकारी बाहर नहीं आती।
“अमेरिका के पास सबसे ज़्यादा परमाणु हथियार”
ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका के पास किसी भी देश से अधिक परमाणु हथियार हैं। उन्होंने कहा, “हमारे पास इतनी ताकत है कि दुनिया को 150 बार उड़ाया जा सकता है।” उनके अनुसार, यदि बाकी देश परमाणु शक्ति दिखा रहे हैं तो अमेरिका को भी पीछे नहीं रहना चाहिए।
परमाणु निरस्त्रीकरण पर बोले ट्रंप
ट्रंप ने कहा कि वे परमाणु निरस्त्रीकरण के पक्षधर हैं, लेकिन जब बाकी देश परीक्षण कर रहे हैं तो अमेरिका के लिए इसे रोकना उचित नहीं। उन्होंने कहा कि तीन दशक बाद यदि परमाणु परीक्षण फिर से शुरू किए जाएं, तो यह राष्ट्रीय सुरक्षा की दृष्टि से ज़रूरी होगा।
बढ़ते वैश्विक तनाव की चेतावनी
ट्रंप के इस बयान के बाद वैश्विक स्तर पर परमाणु तनाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अमेरिका परीक्षण शुरू करता है, तो अन्य देश भी और आक्रामक रुख अपना सकते हैं। इससे परमाणु हथियारों की दौड़ और तेज़ हो सकती है।