मेरठ। पुलिस ने पांच घंटे की अंदर नर्स की हत्या का राजफाश कर दिया है। नर्स से छुटकारा पाने के लिए प्रेमी ने अपने साथी के साथ मिलकर ग्लूकोज की बोतल में जहरीला इंजेक्शन इंजेक्ट कर मौत के घाट उतारा था। पुलिस को गुमराह करने के प्रेमी में खुद की सुसाइड नोट लिखा था, लेकिन पुलिस ने सीसीटीवी की मदद से अस्पताल में काम करने वाले प्रेमी और उसके साथी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने जहरीली इंजेक्शन का रेफर, सिरींज, सुसाइड नोट व मोबाइल आदि सामान अस्पताल के उस रूम से बरामद किया है, जिसमें नर्स की हत्या की गई थी।
यह था मामला
ब्रह्मपुरी निवासी नेहा हापुड़ रोड स्थित एमसीसी अस्पताल में नौकरी करती थी। शनिवार दोपहर को उसकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। नेहा के देवर, ननद और मायके वालों ने अस्पताल प्रबंधन पर हत्या का आरोप लगाते हुए हंगामा किया था। परिजनों को शांत करने के बाद पुलिस ने नेहा के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पूरे मामले की तह तक जाने के लिए सीओ सिटी संग्राम सिंह और लोहिया नगर थाना प्रभारी सुमित तोमर ने तीन घंटे से अधिक अस्पताल की सीसीटीवी फुटेज खंगाली और फोरेंसिक टीम ने उसके कमरे से साक्ष्य उठाए, अस्पताल के जिस कमरे से नेहा का शव मिला था। पांच घंटे की कवायद के बाद पुलिस एमसीसी अस्पताल में काम करने वाले सुरेश निवासी भूषण विहार कालोनी थाना भावनपुर और फरहान निवासी जामिया रेजीडेंसी फतेहउल्लाहपुर को गिरफ्तार कर लिया।
ऑपरेशन के दौरान इस्तेमाल होने वाले ग्लव्स से पकड़ा गया आरोपी
एसपी सिटी विनायक गोपाल भोसले ने बताया, घटना की संवेदनशीलता और पीड़ित परिवार के आरोपों को देखते सीओ कोतवाली संग्राम सिंह और लोहिया नगर थाना प्रभारी सुमित तोमर ने तीन घंटे तक अस्पताल में लगे सीसीटीवी फुटेज देखी तो मुख्य आरोपी सुरेश फरहान के साथ उस कमरे में जाता दिखा, जिस कमरे से नर्स का शव मिला था। जाते समय सुरेश ने ऑपरेशन के दौरान इस्तेमाल होने वाले ग्लव्स नहीं पहन रखे, लेकिन जब वह कमरे से बाहर निकला तो उसने हाथों में ग्लव्स पहन रखे थे। यहीं से पुलिस का माथा ठनका और कमरे से मिले सुसाइड नोट की राइटिंग के बारे में पीड़ित परिवार से पूछा गया, तो उन्होंने नेहा की राइटिंग होने से इन्कार कर दिया। इसके बाद सीओ संग्राम सिंह पूछताछ के लिए सुरेश को पकड़ कर थाने ले गए और चंद घंटों की पूछताछ के बाद आरोपी ने नेहा की जहरीला इंजेक्शन लगाकर हत्या करने का इकबाल कर लिया। इसके बाद पुलिस ने सुरेश के साथी फरहान को भी गिरफ्तार कर लिया।
शादी का दबाव इसलिए उतारा मौत के घाट
सीओ कोतवाली संग्राम सिंह ने बताया, नेहा की ढाई साल पहले शादी फफूंडा में हुई थी। एक साल पहले पति की मौत हो गई थी। पति की मौत के बाद वह एक साल के बेटे के साथ ससुराल में रह रही थी। ससुराल और मायके वालों से पूछताछ की गई तो दोनों संबंध मधुर बताए। पति की मौत के बाद नेहा एमसीसी अस्पताल में नर्सिंग स्टाफ की नौकरी करने लगी थी। सीओ कोतवाली ने बताया, आठ महीने पहले शादीशुदा सुरेश और नेहा में प्रेम प्रसंग हो गए थे। नेहा सुरेश पर शादी का दबाव बना रही थी, लेकिन सुरेश इन्कार कर रहा था। नेहा के बढ़ते दबाव को देखकर सुरेश ने उसे रास्ते से हटाने की योजना बनाई, जिसमें अस्पताल के ही फरहान को शामिल किया। शनिवार को नेहा ने सुरेश से कमजोरी होने की बात कही। इसी मौके की तलाश में सुरेश था। नेहा को अस्पताल के कमरे में ले जाकर सुरेश ने फरहान की मदद से ग्लूकोज की बोतल चढ़ा दी और ताकत का इंजेक्शन बता कर ग्लूकोज की बोतल में जहरीला इंजेक्शन इंजेक्ट कर दिया। कुछ ही देर में नेहा की मौत हो गई। नेहा की हत्या को आत्महत्या दर्शान के लिए सुरेश ने खुद सुसाइड नोट लिखा था। ताकि पुलिस गुमराह होती रहे, लेकिन कहावत है कि पुलिस के हाथ लंबे होते है और पांच घंटे के अंदर पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर नेहा हत्याकांड का राजफाश कर दिया।