अमेरिकी राजनीति के एक फैसले ने वैश्विक बाजारों में हलचल मचा दी। डोनाल्ड ट्रंप के ईरान पर सैन्य कार्रवाई टालने के ऐलान से ठीक पहले तेल और शेयर बाजारों में भारी सट्टेबाजी देखी गई। महज 15 मिनट के भीतर हजारों करोड़ रुपये के सौदे हुए, जिसने न सिर्फ कीमतों को प्रभावित किया बल्कि इनसाइडर ट्रेडिंग जैसी गंभीर आशंकाओं को भी जन्म दे दिया है।
15 मिनट में 5440 करोड़ का दांव, बाजार में हलचल
तेल बाजार में अचानक असामान्य गतिविधि देखने को मिली, जब कुछ बड़े निवेशकों ने कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट पर भारी दांव लगाया। बताया जा रहा है कि करीब 580 मिलियन डॉलर यानी लगभग ₹5440 करोड़ के सौदे बेहद कम समय में किए गए। यह गतिविधि ट्रंप के ऐलान से ठीक पहले हुई, जिससे बाजार में हलचल तेज हो गई।
ट्रंप के फैसले से बदली बाजार की दिशा
डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के एनर्जी साइट्स पर प्रस्तावित सैन्य कार्रवाई को 5 दिनों के लिए टालने की घोषणा की। इस खबर के सामने आते ही कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट आई, जबकि शेयर बाजारों में तेजी देखने को मिली। निवेशकों ने पहले से ही इस बदलाव का अनुमान लगाकर पोजिशन ले ली थी।
तेल और शेयर दोनों में दिखी असामान्य ट्रेडिंग
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि इतने बड़े पैमाने पर ट्रेडिंग, वह भी बिना किसी स्पष्ट आर्थिक संकेत के, सामान्य नहीं मानी जाती। ब्रेंट क्रूड और WTI जैसे प्रमुख तेल बेंचमार्क में अचानक आई यह गतिविधि कई सवाल खड़े कर रही है। खासकर तब, जब यह ट्रेडिंग ऐलान से महज 15 मिनट पहले हुई हो।
इनसाइडर ट्रेडिंग की आशंका गहराई
इस पूरे घटनाक्रम ने इनसाइडर ट्रेडिंग को लेकर चिंताओं को बढ़ा दिया है। कुछ निवेशकों का मानना है कि बाजार में मौजूद कुछ खिलाड़ियों को पहले से इस फैसले की जानकारी हो सकती थी। हालांकि, अभी तक इस तरह की किसी भी गड़बड़ी के पुख्ता सबूत सामने नहीं आए हैं।
ईरान ने बातचीत के दावों को बताया गलत
जहां ट्रंप ने ईरान के साथ सकारात्मक बातचीत का दावा किया, वहीं ईरान की ओर से इन दावों को खारिज कर दिया गया। ईरानी पक्ष का कहना है कि अमेरिका के साथ किसी भी तरह की बातचीत नहीं हुई। इससे यह शक और गहरा हो गया कि कहीं बाजार को प्रभावित करने के लिए गलत सूचनाओं का इस्तेमाल तो नहीं किया गया।