मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और तेल युद्ध (Oil War) के चलते वैश्विक बाजारों में भारी उथल-पुथल देखने को मिल रही है। कच्चे तेल की कीमतों में अचानक आई तेज बढ़ोतरी ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। इसका सीधा असर भारतीय शेयर बाजार पर पड़ा, जहां गुरुवार को सेंसेक्स और निफ्टी में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। बैंकिंग, ऑटो और लार्जकैप शेयरों में बिकवाली ने बाजार का माहौल पूरी तरह बदल दिया।
खुलते ही धड़ाम हुआ बाजार
गुरुवार को कारोबार की शुरुआत बेहद खराब रही। सेंसेक्स अपने पिछले बंद से करीब 1900 अंक गिरकर खुला और शुरुआती मिनटों में ही और नीचे फिसल गया। वहीं निफ्टी भी 550 अंक से ज्यादा टूट गया। शुरुआती दो घंटे के कारोबार में भी बाजार में कोई रिकवरी नहीं दिखी, जिससे निवेशकों में बेचैनी और बढ़ गई।
Oil War से बढ़ी वैश्विक चिंता
मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष अब तेल युद्ध का रूप लेता जा रहा है। खाड़ी देशों में तेल और गैस ठिकानों पर हमलों के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत 113 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई। इस अचानक उछाल ने वैश्विक अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ा दिया है, जिसका असर शेयर बाजारों में साफ दिखाई दे रहा है।
विदेशी बाजारों में भी गिरावट का तूफान
भारतीय बाजार में गिरावट से पहले एशियाई बाजारों में कमजोरी के संकेत मिल चुके थे। जापान, हांगकांग और दक्षिण कोरिया के प्रमुख इंडेक्स में भारी गिरावट दर्ज की गई। इससे साफ है कि यह गिरावट केवल भारत तक सीमित नहीं, बल्कि एक वैश्विक संकट का संकेत है।
इन सेक्टर्स और शेयरों पर सबसे ज्यादा मार
इस गिरावट में बैंकिंग और ऑटो सेक्टर सबसे ज्यादा प्रभावित रहे। लार्जकैप शेयरों में HDFC Bank, L&T, Bajaj Finance, Axis Bank, Asian Paints, Kotak Bank, M&M, Adani Ports और IndiGo जैसे बड़े नामों में तेज गिरावट देखी गई। इन शेयरों में बिकवाली ने बाजार को और नीचे धकेल दिया।
India VIX में उछाल, बढ़ेगा उतार-चढ़ाव
बाजार के डर का संकेत देने वाला इंडेक्स India VIX अचानक 15% तक उछल गया। यह संकेत देता है कि आने वाले दिनों में बाजार में और अधिक अस्थिरता देखने को मिल सकती है। निवेशकों को फिलहाल सतर्क रहने की जरूरत है, क्योंकि वैश्विक घटनाक्रम का असर बाजार पर लगातार बना हुआ है।