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जिस प्रेमानंद महाराज के आगे क्रिकेटर से लेकर बॉलीवुड के बड़ी हस्तियां माथा टेकती हैं, उनके लिए जगदगुरू ने ऐसी बात बोल दी है, जिस पर हंगामा खड़ा हो गया है, भक्तों ने सोचा भी नहीं होगा पहली बार इस जगदगुरू के बयान पर उनका गुस्सा फूट पड़ा है, यहां तक की सोशल मीडिया से लेकर बृज की गलियों में भी इस वक्त प्रेमानंद महाराज पर दिए जगदगुरू के बयान की चर्चा छिड़ी हुई है, हालांकि इस बीच एक मुस्लिम युवक ने तो प्रेमानंद महाराज के लिए बहुत बड़ा ऐलान किया है, जिसने करोड़ों सनातनियों को हैरान कर दिया है, क्या कहा है वो आपको बताते हैं लेकिन उससे पहले ये भी जान लिजिए आखिर किस बात की इस वक्त बृज की गलियों में चर्चा हो रही हैं
जगदगुरू रामभद्राचार्य ने दिया महाराज जी को चैलेंज !
दरअसल जगदगुरू रामभद्राचार्य ने हाल ही में एक मीडिया इंटरव्यू में प्रेमानंद महाराज को विद्वान या चमत्कारी मानने से साफ इनकार कर दिया. उन्होंने खुली चुनौती देते हुए कहा कि अगर प्रेमानंद जी सचमुच चमत्कारी हैं, तो सामने आकर संस्कृत का एक शब्द बोलकर दिखाएं या किसी श्लोक का अर्थ समझाएं. उन्होंने यहां तक कह डाला कि उनकी लोकप्रियता टिकाऊ नहीं है, ये बस थोड़े समय के लिए है. ये बयान सामने आते ही संत समाज में हलचल मच गई और सोशल मीडिया पर बहस का तूफान खड़ा हो गया. रामभद्राचार्य के इस बयान ने प्रेमानंद महाराज के करोड़ों भक्तों को आहत कर दिया. लोग कहने लगे है कि संत समाज में भक्ति से बड़ा ज्ञान हो सकता है क्या? क्या कोई संत की महानता सिर्फ संस्कृत श्लोक बोलने से तय होती है? जबकि करोड़ों लोग मानते हैं कि प्रेमानंद महाराज की सादगी, उनकी कथा और प्रवचन ही आज के समाज में चमत्कार से कम नहीं. यही वजह है कि ये विवाद और भी गहराता चला जा रहा है
प्रेमानंद महाराज के लिए मुस्लिम युवक का कदम
इस बीच एमपी के इटारसी में रहने वाले आरिफ खान चिश्ती ने ऐसा कदम उठाया जिसने पूरे संत समाज और भक्तों के दिलों को झकझोर दिया. पेशे से एक साधारण कूरियर शॉप चलाने वाले आरिफ ने जिला प्रशासन और प्रेमानंद महाराज को पत्र लिखकर अपनी किडनी दान करने की इच्छा जताई. उनका कहना है कि प्रेमानंद महाराज राष्ट्रीय एकता और भाईचारे के लिए काम करते हैं. वे हर प्रवचन में समाज को जोड़ने, हर धर्म के लोगों को साथ लाने का संदेश देते हैं. ऐसे संत की लंबी आयु बनी रहनी चाहिए और इसके लिए अगर उन्हें अपनी किडनी देनी पड़े तो वे पीछे नहीं हटेंगे. आरिफ ने साफ शब्दों में कहा कि जब भी वे प्रेमानंद जी का प्रवचन सुनते हैं खासकर जब वे दो धर्मों के बीच प्रेम और सौहार्द की बात करते हैं, तो उनका दिल भर आता है. यही वजह है कि मुस्लिम युवक ने किडनी दान करने जैसा बड़ा फैसला लिया है जिसने हर किसी को हैरान कर दिया है क्योंकि एक तरफ जहां जहां राजनीति धर्म के नाम पर समाज को बांटने की कोशिश करती है, वहीं दूसरी तरफ आरिफ जैसा साधारण नागरिक अपने जीवन का सबसे बड़ा बलिदान करने के लिए तैयार खड़ा है.
पूरा मामला दो अलग-अलग एंगल में बंटा
अब पूरा मामला दो अलग-अलग एंगल में बंट गया है एक ओर जगद्गुरु रामभद्राचार्य हैं, जो प्रेमानंद जी को बालक समान बताकर उनके चमत्कार को चुनौती दे रहे हैं. वे बार-बार कहते हैं कि प्रेमानंद जी विद्वान नहीं हैं, उनकी लोकप्रियता ज्यादा समय तक टिकेगी नहीं, तो वहीं दूसरी ओर, एक मुस्लिम युवक है जो कह रहा है कि महाराज जी के प्रवचन ही उसके जीवन का चमत्कार हैं, वही उसे जोड़ते हैं, वही उसे प्रेरित करते हैं. इसलिए वो उनके लिए अपनी किडनी दान कर देना चाहता है. ये तस्वीर साफ दिखाती है कि भले ही संतों के बीच ज्ञान और भक्ति को लेकर खींचतान हो, लेकिन जनता का दिल प्रेमानंद महाराज के साथ है.