Kumar Vishwas: कथावाचक व कवि कुमार विश्वास अंबेडरनगर में आयोजित श्रवण धाम महोत्सव में शामिल होने से पहले अयोध्या पहुंचे। जहां भाजपा के पूर्व विधायक गोरखनाथ बाबा ने उनके पैर धुले और चंदन तिलक लगाकर स्वागत किया। जिसके बाद कुमार ने राम मंदिर में पहुंचकर श्री रामलला का दर्शन-पूजन किया। कुमार ने जिले के बदले स्वरूप की सराहना करते हुए कहा कि बड़े संघर्षों के बाद इसी कालखंड में मंदिर बनते देखा हम सभी लकी हैं।
गवान जिससे रीझते हैं, उस पर कृपा ही करते हैं
इस दौरान कुमार विश्वास ने कहा कि श्री रामलला की कृपा है कि इसके पहले जब गर्भगृह में पधारे थे, तब भी यहां आने का आदेश प्राप्त हुआ था। जिस प्रकार से अयोध्या का विस्तृत विस्तार होना चाहिए। उसका महज एक छोटा प्रयास समाज और व्यवस्थाओं ने किया है। पहले मन में दुख होता था कि जहां प्रभु का जन्म हुआ और विलोपित हुए, वहां पर कोई व्यवस्था ही नहीं है। अब जब अयोध्या आते हैं, तो एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन की सुंदरता देखते बनती है। सड़कें भी अच्छी बन गई हैं। इसके बाद उन्होंने प्रयागराज से राम नगरी पहुंच रहे श्रद्धालुओं को लेकर कहा कि वास्तविक पुनर जागरण का समय है। भगवान जिससे रीझते हैं, उस पर कृपा ही करते हैं और सत्ता भी दिलाते हैं।
दल से विरोध करें राम से नहीं
माघ मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं देते हुए कुमार विश्वास ने कहा कि संतों की गरिमा का ध्यान रखते हुए, श्रद्धालुओं की सुविधा का ध्यान रखें। वहीं संसदीय समिति में शामिल राहुल गांधी का रामलला के दर्शन करने की प्रस्तावित संभावनाओं पर बोले, दल से विरोध कीजिए राम से विरोध मत कीजिए। आशा करता हूं, भगवान सबको सद्बुद्धि देंगे। यह भी भगवान ही तय करते हैं कि किसे आशीर्वाद देना है। साथ ही उन सभी लोगों को शुभकामनाएं जो अब भगवान के दर्शन करने के लिए आ रहे हैं।
इसी कालखंड में हुई प्रभु की प्राण प्रतिष्ठा
वहीं बदलते अयोध्या पर कहा कि आज 55 साल के हो गए हैं पिछले 17 से 18 साल के आयु में रामलला का दर्शन करने आए थे। तब से आज तक पूरा काल खंड बीता है। हम लोग सौभाग्यशाली हैं कि 500 सालों में मंदिर बनते नहीं देखा, इसी कालखंड में देखा है। अयोध्या का संघर्ष, रक्तरंजित इतिहास देखा, शासकों की हनक देखी, संतों का अपमान देखा, कारसेवकों के आंसू देखे, सरयू का लाल जल देखा और उसके बाद प्रभु श्री राम की भव्य प्राण प्रतिष्ठा भी देखी है।