
Centenary year of RSS: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के 100 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में रविवार को जिलेभर में भव्य पथसंचलन का आयोजन किया गया। इस अवसर पर शहर के विभिन्न इलाकों में हजारों स्वयंसेवक पारंपरिक गणवेश में अनुशासन और एकता का परिचय देते हुए निकले। रेस कोर्स कॉलोनी सहित कई स्थानों से निकले जुलूस में नागरिकों ने स्वयंसेवकों पर पुष्प वर्षा कर उनका स्वागत किया। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर पुलिस बल मुस्तैद रहा और पूरे कार्यक्रम को शांतिपूर्वक संपन्न कराया गया।
अनुशासन और एकता का प्रदर्शन
पथसंचलन में स्वयंसेवकों ने घोष की धुन पर कदम से कदम मिलाकर संगठित शक्ति का प्रदर्शन किया। इस दौरान पूरा माहौल राष्ट्रभक्ति के नारों और वंदे मातरम् के जयघोष से गूंज उठा। विभाग व्यवस्था प्रमुख सुनील शर्मा ने बताया कि आरएसएस देश का एकमात्र ऐसा संगठन है, जिसने सौ वर्ष की यात्रा पूर्ण की है। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में एकता, समरसता और अनुशासन का संदेश देना है।
संघ संस्थापक के विचारों को किया याद
पथसंचलन के बाद आयोजित कार्यक्रम में विभाग प्रचारक विकास ने स्वयंसेवकों को संघ संस्थापक डॉ. केशवराव बलिराम हेडगेवार के जीवन और उनके आदर्शों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि संघ का प्रत्येक स्वयंसेवक समाजसेवा, राष्ट्रहित और संगठन की भावना से प्रेरित है। कार्यक्रम में प्रवेंद्र, सुमन प्रकाश, आशुतोष और अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे। आरएसएस के शताब्दी वर्ष का यह आयोजन जिलेभर में उत्सव और गर्व का प्रतीक बन गया।