.jpg%3Falt%3Dmedia%26token%3D2fa6d2ad-c199-4279-958d-d3c6edcc1144&w=3840&q=75)
Surya Grahan : सूर्य ग्रहण एक अद्भुत खगोलीय घटना है, जब चंद्रमा पृथ्वी और सूर्य के बीच आ जाता है और सूर्य का प्रकाश आंशिक या पूर्ण रूप से ढंक जाता है. वैज्ञानिकों के लिए यह अध्ययन का विषय है, वहीं धार्मिक और सांस्कृतिक रूप से भी इसे बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है. साल 2025 में कुल दो सूर्य ग्रहण होंगे. इस लेख में हम जानेंगे कि साल का दूसरा सूर्य ग्रहण कब लगेगा, भारत में इसका क्या असर रहेगा और उस समय क्या करना चाहिए और क्या नहीं.
सूर्य ग्रहण की तारीख और समय
साल 2025 का दूसरा सूर्य ग्रहण 21 सितंबर 2025 को लगेगा. यह एक अन्नुलर सूर्य ग्रहण (Annular Solar Eclipse) होगा, जिसे "रिंग ऑफ फायर" भी कहा जाता है. इस प्रकार के ग्रहण में चंद्रमा सूर्य को पूरी तरह ढँक नहीं पाता, और सूर्य के किनारों पर एक चमकदार रिंग जैसी आकृति दिखाई देती है.
ग्रहण का समय: रात 11:00 बजे (भारतीय समय अनुसार) शुरू होगा
समापन: अगली सुबह 3:24 बजे तक
चूंकि यह ग्रहण रात में है, इसलिए यह भारत में दिखाई नहीं देगा. लेकिन फिर भी इसके धार्मिक और वैज्ञानिक पहलुओं को जानना उपयोगी रहेगा.
क्या यह ग्रहण भारत में दिखाई देगा?
नहीं, यह सूर्य ग्रहण भारत में दृश्य नहीं होगा क्योंकि यह रात के समय घटेगा जब भारत में सूर्य अस्त हो चुका होगा. इसलिए भारत में ना तो इसे आँखों से देखा जा सकता है और ना ही इससे जुड़ी धार्मिक प्रक्रियाएं, जैसे कि सूतक काल, लागू होती हैं.
सूर्य ग्रहण के दौरान क्या करना चाहिए?
> यदि आप ऐसे स्थान पर हैं जहां से यह ग्रहण दिखाई देगा (जैसे अमेरिका, अफ्रीका या समुंद्री क्षेत्र), तो कुछ जरूरी बातें ध्यान में रखनी चाहिए:
1. ग्रहण देखने के लिए विशेष चश्मा (Eclipse Glasses) का इस्तेमाल करें. सामान्य चश्मा या धूप का चश्मा आंखों की रक्षा नहीं कर पाता.
2. ग्रहण को लाइव स्ट्रीमिंग या वैज्ञानिक स्रोतों से ऑनलाइन देखें, ताकि आंखों को नुकसान न पहुंचे.
3. कुछ लोग इस समय मंत्र जाप, ध्यान और पूजा करते हैं — खासकर वो जो सूतक मानते हैं.
सूर्य ग्रहण के दौरान क्या नहीं करना चाहिए?
1. सूर्य को सीधे आँखों से न देखें, चाहे वह आंशिक रूप से ही क्यों न ढका हो. इससे आंखों को स्थायी नुकसान हो सकता है.
2. सामान्य चश्मा, एक्स-रे फिल्म, कांच या पानी से देखकर ग्रहण न देखें — यह खतरनाक हो सकता है.
3. गर्भवती महिलाओं को विशेष रूप से सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है, भले ही यह वैज्ञानिक रूप से पूरी तरह सिद्ध न हो — लेकिन मानसिक शांति के लिए ध्यान रखना बेहतर होता है.
धार्मिक दृष्टिकोण से क्या मान्यता है?
हालांकि यह ग्रहण भारत में नहीं दिखाई देगा, फिर भी कई लोग परंपरा के अनुसार कुछ नियमों का पालन करते हैं. यदि ग्रहण दृश्य होता, तो आमतौर पर सूतक काल ग्रहण से 12 घंटे पहले शुरू हो जाता, और इस दौरान पूजा-पाठ, भोजन आदि से बचा जाता. लेकिन चूंकि यह ग्रहण भारत में अदृश्य है, तो धार्मिक रूप से कोई बाध्यता नहीं है. 21 सितंबर 2025 को लगने वाला यह सूर्य ग्रहण वैज्ञानिक रूप से महत्वपूर्ण है, लेकिन भारत में यह नहीं दिखाई देगा. फिर भी, ग्रहण को लेकर जागरूक रहना ज़रूरी है। यदि आप विदेश में हैं, तो उचित सावधानियों के साथ इसे देख सकते हैं और यदि आप भारत में हैं, तो यह एक अच्छा मौका है इसे ऑनलाइन देख कर खगोल विज्ञान को समझने का.