आज के ज्यादातर युवा 40 की उम्र तक 1 करोड़ रुपये जमा करने का लक्ष्य रखते हैं, लेकिन रिटायरमेंट प्लानर मिलिंद देवगांवकर के अनुसार यह लक्ष्य सिर्फ हाई रिटर्न वाले प्लान ढूंढने से पूरा नहीं होता, बल्कि लगातार और अनुशासित निवेश से ही संभव है। वे कहते हैं कि 10 में से 6 निवेशक सिर्फ 3-5 साल में ही SIP बंद कर देते हैं। यानी निवेश की शुरुआत आसान है, लेकिन उसे 15 साल तक जारी रखना ही असली चुनौती है।
क्यों रुक जाता है निवेश?
देवगांवकर बताते हैं कि लोग शादी, कार खरीदना, घर की डाउन पेमेंट, नौकरी बदलना या बाजार गिरने के डर से अपना निवेश तोड़ देते हैं. वे कहते हैं कागज पर प्लानिंग करना आसान है, लेकिन असल परीक्षा तब होती है जब नौकरी चली जाए या शेयर बाजार नीचे गिरे और फिर भी आप SIP जारी रखें. यही वजह है कि करोड़ का लक्ष्य ज्यादातर लोगों के लिए ‘थ्योरी’ बनकर रह जाता है, ‘रियलिटी’ नहीं
25 और 30 की उम्र में फर्क- कितनी SIP चाहिए?
अगर आप 25 साल की उम्र में शुरुआत करते हैं और सालाना इनकम ₹12 लाख है, तो 12% रिटर्न पर ₹21,500 प्रति माह SIP आपको 40 की उम्र तक ₹1 करोड़ दिला सकती है यह आपकी सैलरी का लगभग 25% हिस्सा है।
लेकिन अगर आप 30 साल की उम्र में शुरुआत करें और इनकम ₹18 लाख हो, तो सिर्फ 10 साल में यह लक्ष्य पाने के लिए ₹45,000 SIP करनी होगी, यानी सैलरी का 37%.
विशेषज्ञ की अहम सलाह
देवगांवकर के अनुसार 25 साल की उम्र में ₹5,000 निवेश करने वाला व्यक्ति, 32 की उम्र में ₹15,000 शुरू करने वाले से आगे निकल जाता है. वे 3 बातें ज़रूरी मानते हैं
15% रिटर्न के चक्कर में SIP बंद मत करो, 12% पर भी लगातार रहो
इनकम बढ़े तो SIP भी बढ़ाओ
महंगाई को ध्यान में रखो – 40 की उम्र में 1 करोड़, आज के हिसाब से सिर्फ ₹55 लाख के बराबर होगा.