बुंदेलखंड के जालौन में एक शादी चर्चा का विषय बनी हुई है जहां शादी की खुशियों को ऐसी नजर लगी की दूल्हे के अरमानों पर पानी फिर गया. दरअसल रात का समय था, दूल्हा आकाशदीप बारात लेकर गेस्ट हाउस पहुंच गया था, बाराती खूब थिरेक रहे थे, बारात का स्वागत भी हुआ,द्वार की रस्में भी हुई, फिर जयमाल भी हुआ, लेकिन इसी बीच किसी ने दुल्हन के परिजनों को बता दिया कि दूल्हे की सरकारी नौकरी नहीं है, जिसके बाद दुल्हन ने चौंकाने वाली बात कही. सरकारी नौकरी के चक्कर में टूटी शादी बता दें ये मामला जालौन का है जहां आकाशदीप को बारात सहित दुल्हन ने सिर्फ इसलिए लौटा दिया क्योंकि लड़का सरकारी नौकरी में ना होकर संविदा कर्मी था यानी कि उसकी कॉन्ट्रैक्ट जॉब थी. बड़ी बात ये है कि ये शादी तुड़ाई और बारात लौटाई का खेल तब रचा गया जब जयमाल हो चुका था. पहले तो लड़की वालों ने आरोप लगाया कि उनसे झूठ बोला गया कि लड़के की सरकारी नौकरी है वहीं जैसे ही यह बात दुल्हन को पता चली वैसे ही उसने ऑन द स्पॉट फैसला लेते हुए सीधा शादी से इंकार कर दिया और आकाश वो बस अपना समूह लेकर भरी भीड़ के बीच यही सोचता रहा कि आखिर करें तो करें क्या? बैरंग लौटी गांव में बारात आपको बता दें कि जालौन मुख्यालय के रहने वाले आकाशदीप की शादी कदौरा थाना के गांव उकुरवा की रहने वाली एक लड़की से तय हुई थी. आकाश न्यायालय में संविदाकर्मी के तौर पर लिपिक के पद पर तैनात था. जैसे ही ये सच्चाई दुल्हन को पता चली तो हंगामा हो गया, दूल्हा आकाशदीप कोतवाली पहुंच गया और पूरी घटना की जानकारी पुलिस को दी. पुलिस ने जब लड़के वालों से शिकायती पत्र मांगा तो लड़के पक्ष के लोगों ने लेटर लिखा तो लेकिन पुलिस को दिया नहीं. कोतवाली में देर शाम तक लड़का और लड़की दोनों ही पक्ष के लोग आपसी समझौते की बात करते रहे लेकिन बात नहीं बनी. मामला वहीं का वहीं अटका रहा. जिसके बाद खुद ही दोनों पक्षों के लोग वापस चले गए और बारात दुल्हन के बिना ही वापस लौट गई.