
मेरठ । दुष्कर्म का विरोध करने पर किशोरी की गला दबाकर हत्या के मुकदमे में पोक्सो कोर्ट के न्यायाधीश ने एक को आजीवन कारावास की सजा और अर्थदंड से दंडित किया है। फलावदा थाना पुलिस ने बताया, एक जून 2022 को वादी ने एक मुकदमा दर्ज कराया था, जिसमें वादी ने बताया था कि रोहित निवासी बडका आरिफपुर गांव थाना मसूरी जिला गाजियाबाद ने घर में घुसकर उनकी नाबालिग बेटी से दुष्कर्म का प्रयास किया था और विरोध करने पर गला दबाकर कर हत्या कर दी थी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
विवेचना के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी थी। मुकदमे की सुनवाई स्पेशल जज पोक्सो कोर्ट की अदालत में हुई। ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत एसएसपी डा. विपिन ताडा ने पुलिस के अलावा पैरवी सेल को आरोपी को सजा दिलाने के लिए अदालत में प्रभावी पैरवी और समय-समय पर गवाहों के बयान दर्ज कराने के निर्देश दिए थे। विशेष लोक अभियोजक (पोक्सो) नरेन्द्र चौहान व कुलदीप मोहन ने बताया, पोक्सो कोर्ट के न्यायाधीश ने सजा की सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं का बहस सुनी और गवाहों के बयान और साक्ष्य के आधार पर रोहित को आजीवन कारावास की सजा और 20 हजार के अर्थदंड से दंडित किया है। सुनवाई के दौरान कोर्ट में पैरोकार एवं कांस्टेबल निखिल नागर ने प्रभावी पैरवी की।