
मां-बाप बिल्कुल न हो अब परेशान, मोदी सरकार ने कर दिया आपके लिए बेहतर इंतजाम, ये कहना अब बिल्कुल भी गलत नहीं होगा, क्योंकि वो दिन अब चले गए जब बच्चे मोबाइल में डूबकर ड्रीम-11, रमी, पोकर और ऑनलाइन गेम्स में लाखों लगाकर घर की बचत गंवा देते थे. अब मोदी सरकार ने लोकसभा में ऐसा कदम उठाया है कि बच्चों का भविष्य और परिवार की जेब दोनों सुरक्षित हो गए है. दरअसल जिस बिल को कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद संसद में पेश किया गया है, उसका पूरा नाम प्रमोशन एंड रेग्युलेशन ऑफ ऑनलाइन गेमिंग बिल, 2025 है. इसका मकसद ऑनलाइन गेमिंग में ट्रांजेक्शन और विज्ञापन को पूरी तरह से बैन करने का है.
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ऑनलाइन गेम बैन लेकिन ई-स्पोर्ट्स को बढ़ावा
बताया गया है कि इस बिल के जरिए ऐसे ऑनलाइन गेम तो बैन किए जाएंगे, जिनमें लोग पैसा लगाते हैं लेकिन ई-स्पोर्ट्स और सोशल गेम्स को बढ़ावा देने की भी बात कही गई है जैसे कैंडी क्रश, लुडो और पबजी, जिनमें पैसे नहीं लगते, अब पूरी तरह सुरक्षित रहेंगे. इससे बच्चे स्किल-बेस्ड गेम खेल सकते हैं, मनोरंजन कर सकते हैं और टैलेंट दिखा सकते हैं. मोदी सरकार ने खेल और शिक्षा में सही संतुलन बनाने का इंतजाम किया है. इसके पीछे का मकसद भी सरकार का साफ है, दरअसल पिछले काफी समय से ये शिकायतें आ रही थी बच्चे मोबाइल में पैसा लगाकर गेम खेलते थे और घर की बचत तक को गंवा देते थे, लेकिन अब परिवार की जेब खाली नहीं होगी और बच्चों का भविष्य भी सुरक्षित रहेगा. इस बिल में कहा गया है कि अगर कोई कंपनी रियल-मनी गेम चलाए या उसका प्रचार करे तो उसे तीन साल की जेल और एक करोड़ रुपये तक का जुर्माना हो सकता है. विज्ञापन देने वालों के लिए दो साल की जेल या 50 लाख रुपये तक का जुर्माना तय किया गया है यानी सरकार ने इंडस्ट्री पर सख्त कदम रखा है. वहीं, जो बच्चे गेम खेल रहे हैं उन्हें कोई सजा नहीं होगी.
ड्रीम-11 जैसे ऑनलाइन गेम्स भी बंद होंगे ?
इस बिल को संसद में पेश किए जाने की खबर सामने आने के बाद से ही लोग सोशल मीडिया पर कई सवाल पूछ रहे हैं. कई लोग पूछ रहे हैं कि क्या इससे ड्रीम-11 जैसे ऑनलाइन गेम्स भी बंद हो जाएंगे? जो प्रावधान हैं उनसे यही लगता है कि पैसा लगाकर खेले जाने वाले तमाम ऐप्स की दुकान बंद होने वाली है. क्रिकेट और बाकी खेलों के लिए कई ऐसे ऐप्स हैं, जिनमें पैसे लगाकर टीम बनानी होती है. वहीं बिल में ये साफ किया गया है कि किसी भी तरह के ट्रांजेक्शन वाले ऐप्स को बंद किया जाएगा. साथ ही ये भी कहा गया है कि जो सट्टेबाजी को प्रमोट करते हैं या फिर जिनकी लत लग सकती है, उन पर भी नकेल कसी जाएगी. ऐसे में इस बात की पूरी संभावना है कि ड्रीम-11 जैसे ऐप्स के खिलाफ भी एक्शन लिया जा सकता है.