उत्तर प्रदेश की राजनीति में उस समय हलचल तेज हो गई जब पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी में बड़ी टूट का दावा किया। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में सपा के कई नेता और सांसद पार्टी छोड़ सकते हैं। उनके इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
सपा में टूट का किया बड़ा दावा
राजभर ने दावा किया कि समाजवादी पार्टी में 100 फीसदी टूट होने वाली है। उनका कहना है कि पार्टी के भीतर असंतोष बढ़ रहा है और कई नेता भविष्य को लेकर नए विकल्प तलाश रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जल्द ही राजनीतिक तस्वीर बदलती हुई दिखाई दे सकती है।
राम गोपाल यादव को लेकर टिप्पणी
राजभर ने आरोप लगाया कि राम गोपाल यादव ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को एक चिट्ठी दी है। हालांकि उन्होंने इस संबंध में कोई ठोस सबूत सार्वजनिक नहीं किया। उन्होंने दावा किया कि इस पूरे घटनाक्रम के पीछे बड़ी राजनीतिक रणनीति काम कर रही है।
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जांच एजेंसियों का भी किया जिक्र
मंत्री ने अपने बयान में कथित खनन घोटाले और गोमती रिवर फ्रंट मामले का भी जिक्र किया। उनका कहना है कि विभिन्न मामलों में जांच एजेंसियां कार्रवाई कर रही हैं, जिससे विपक्षी दलों के नेताओं पर दबाव बढ़ रहा है। इसी वजह से कई नेता अपना राजनीतिक भविष्य सुरक्षित करने की कोशिश कर रहे हैं।
टीएमसी और शिवसेना का भी लिया नाम
राजभर ने दावा किया कि पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस और महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे गुट के कुछ सांसदों के बीच भी असंतोष है। उन्होंने कहा कि कई जगहों पर राजनीतिक दलों के भीतर बदलाव की स्थिति बन रही है। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
सियासी बयानबाजी पर टिकी नजरें
फिलहाल राजभर के बयान ने राजनीतिक माहौल को गर्म कर दिया है। समाजवादी पार्टी की ओर से इन आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया आती है, इस पर सभी की नजरें हैं। आने वाले दिनों में यदि कोई बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम होता है तो उत्तर प्रदेश की राजनीति में इसका असर साफ दिखाई दे सकता है।