मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले से दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां खेलते-खेलते घर से निकले दो सगे भाई एक निर्माणाधीन मकान के खुले सेप्टिक टैंक में गिर गए और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। कॉलोनी में तैरती चप्पलों से शुरू हुई तलाश जब खत्म हुई, तो सामने आया ऐसा मंजर जिसने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया।
घर से खेलने निकले थे दोनों भाई
घटना शिवनगर कॉलोनी की बताई जा रही है। किराये के मकान में रहने वाले सचिन यादव के दो बेटे—7 वर्षीय नरेंद्र और 5 वर्षीय आशीष—शाम करीब चार बजे अपनी मां से खेलने की बात कहकर बाहर निकले थे। काफी देर तक जब बच्चे घर नहीं लौटे तो परिजन चिंतित हो गए और आसपास तलाश शुरू की, लेकिन उनका कोई सुराग नहीं मिला।
सीसीटीवी फुटेज से खुला राज
कॉलोनीवासियों ने बच्चों की खोज में आसपास लगे कैमरों की जांच की। एक कैमरे में दोनों भाई पास के निर्माणाधीन मकान के भीतर जाते दिखाई दिए। यह देखकर पड़ोसियों को अनहोनी की आशंका हुई और वे तुरंत उस मकान में पहुंचे, जहां खुले पड़े सेप्टिक टैंक में पानी के ऊपर तैरती चप्पलें नजर आईं।
सेप्टिक टैंक में मिले दोनों के शव
लोगों ने टैंक का पानी कम करवाया तो अंदर दोनों बच्चों के शव दिखाई दिए। इस भयावह दृश्य से कॉलोनी में हड़कंप मच गया। तत्काल पुलिस को सूचना दी गई और बच्चों को बाहर निकालकर अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
पोस्टमार्टम के बाद सौंपे जाएंगे शव
पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। शनिवार को प्रक्रिया पूरी होने के बाद परिजनों को शव सौंपे जाएंगे। घटना के बाद से परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है। स्थानीय लोग निर्माणाधीन मकानों में सुरक्षा इंतजाम न होने पर नाराजगी भी जता रहे हैं।
खुले गड्ढों पर उठे सुरक्षा के सवाल
इस हादसे ने एक बार फिर निर्माण स्थलों पर लापरवाही और खुले गड्ढों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कॉलोनी के लोगों का कहना है कि यदि सेप्टिक टैंक को ढका गया होता या चेतावनी बोर्ड लगाए गए होते, तो शायद यह दर्दनाक घटना टल सकती थी।